सोनौली। भंसार और वहां रुकने के लिए समय की पाबंदी के नए नियम के बाद ऑनलाइन लेनदेन में समस्या से पर्यटक परेशान हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन इसे स्थानीय नेटवर्क की दिक्कत बता रहा है। इतना ही नहीं पर्यटकों का कहना है कि पजगह-जगह जांच होने से भी दिक्कत हो रही है। इससे यात्रा में समय ज्यादा लग रहा है।
गर्मी की छुट्टियां मनाने भारतीय परिवार नेपाल जाता है। वहां खर्च के लिए नकद के साथ डिजिटल भुगतान का सहारा लिया जाता है लेकिन
कई स्थानों पर क्यूआर स्कैन और डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था काम नहीं कर रही है।
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि बैंकिंग और नेटवर्क संबंधी तकनीकी कारणों से कुछ समय के लिए ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था प्रभावित हुई है। पर्यटन कारोबारी श्रीचंद गुप्ता ने बताया कि डिजिटल भुगतान में अभी थोड़ी दिक्कते हैं। प्रशासन और बैंकिंग संस्थाएं ऑनलाइन भुगतान संबंधी समस्याओं के समाधान में जुटी हुई हैं ताकि पर्यटकों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नेपाल यात्रा में बढ़ी जांच और डिजिटल भुगतान की चुनौतियां : नेपाल में अवैध घुसपैठ की आशंका को लेकर सोनौली और अन्य सीमा चौकियों पर इन दिनों यात्रियों की आईडी जांच पहले की तुलना में अधिक सख्ती से की जा रही है। आधार कार्ड, वोटर आईडी और पासपोर्ट की जांच के बाद ही लोगों को आगे बढ़ने दिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही हैं। इसके चलते कभी-कभी सीमा पर कतारें भी लग रही हैं। नेपाल में छोटे दुकानदार भारतीय 100 रुपये तक के नोट आसानी से स्वीकार कर रहे हैं लेकिन बड़े नोटों और डिजिटल भुगतान को लेकर कई स्थानों पर परेशानी सामने आ रही है। कई पर्यटकों ने बताया कि ऑनलाइन पेमेंट और क्यूआर स्कैन से भुगतान करने में तकनीकी दिक्कतें आईं, जिसके कारण उन्हें नकद भुगतान का सहारा लेना पड़ा।