पडरौना। हाटा कोतवाली के सिकटिया गांव में पारिवारिक विवाद के दौरान सौतेली मां के पेट में बेटे ने छिलनी घोप दिया था। इलाज के दौरान सौतेली मां की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए एफटीसी सेकेंड एडीजे की अदालत ने सौतेले बेटे को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी मानते हुए उन्हें पांच साल का सश्रम कारावास सजा सुनाते हुए बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
हाटा कोतवाली में सिकटिया गांव निवासी श्रीकांत ने 14 सितंबर 2023 को तहरीर देकर बताया था पत्नी मंजू की सौतेले बेटे दीपलाल भारती ने छिलनी से घोंप कर हत्या कर दी है। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर दीपलाल को अगले ही दिन उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाद में विवेचक ने जांच पूरी कर दीपलाल के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई करते हुए एफटीसी सेकेंड एडीजे सत्यपाल सिंह की अदालत ने बहस और गवाहों के बयान व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने गैर इरातदन हत्या का मामला करार दिया। मामले में दीपलाल को सौतेली मां की गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए उसे पांच साल का सश्रम कारावास और बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियुक्त दीपलाल को देवरिया जेल से पेशी पर लाया गया था। सजा सुनाने के बाद उसे फिर जेल भेज दिया गया।