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पंचायत भवन में रहने को मजबूर 

Wed, 04 May 2016 01:34 AM IST
महराजगंज/ ब्यूरो
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घुघली में  जिंदगी में एक बार घर नारायणी नदी ने छिना तब गांव के प्रधान और कुछ लोगों ने यहां आसरा दिया।
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धीरे-धीरे लंबा समय गुजर चुका था लेकिन अब फिर उसके पास उसकअपना घर नहीं रहा। क्योंकि इस बार दुश्मन बना है उसका अपना ही रिश्तेदार। चरित्र पर कलंक की मुहर लगा घर हथिया लिया है। पीड़िता पंचायत भवन में गुजर करने पर मजबूर है।
 
मामला घुघली थाना क्षेत्र के मेदनीपुर गांव के सहज गंज टोले का है।
। करीब 30 वर्ष पहले इस गांव में रमावती देवी अपने पति और बच्चे के साथ भटकते हुए पहुंची थी। क्योंकि इसी गांव में उसका एक रिश्तेदार रहता है। तत्कालीन ग्राम प्रधान ने सामान्य आबादी की जमीन का एक टुकड़ा उसे घर बनाने के लिए दे दिया। रमावती अपने पति की मदद से उक्त स्थान पर कच्चा मकान बनाई  और रहने लगी। कुछ वर्ष बाद उसका पति परिवार के साथ बाहर कमाने चला गया तथा अपना घर बार रिश्तेदार को देखभाल के लिए सौंप दिया। उसे नहीं पता था कि रिश्तेदार के मन में खोट है।
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 कुछ समय बाद जब रमावती अपने परिवार के साथ घर लौटी तो यहां सब कुछ उसके विपरीत हुआ। उसके रिश्तेदार ने घर में घुसने तक नहीं दिया। दबंग रिश्तेदार खुलेआम एलान कर रहा है कि रमावता देवी चरित्रहीन है। उसे घर में रहने नहीं दिया जाएगा।
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तुगलकी फरमान की तरह एलान कर घर में ताला जड़ दिया। मजबूर रमावती अब पंचायत भवन में शरण ली है। लेकिन दरिंदों ने उसे वहां से भी भाग जाने की धमकी दी है। उधर, चार बच्चोें की मां 48 वर्षीय रमावता का आरोप है कि वह रिश्तेदार के मनमानी के विरोध की सजा भुगत रही है।
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