फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: सोनबरसा में 11.37 लाख का घोटाला, प्रधान के अधिकार सीज, सचिव निलंबित

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायत अधिकारी बालेश्वर कुमार को निलंबित कर शुरू की गई विभागीय जांच
विज्ञापन

जिलाधिकारी ने अंतिम जांच के लिए दो सदस्यीय समिति भी गठित की
महराजगंज। विकास खंड सिसवा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनबरसा में सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला उजागर हुआ है। वित्तीय अनियमितता की पुष्टि के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान संतरा देवी के सभी प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी बालेश्वर कुमार को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने अंतिम जांच के लिए दो सदस्यीय समिति भी गठित की है।
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार, ग्राम निवासी संजय निषाद ने 13 दिसंबर 2024 को ग्राम पंचायत में विकास कार्यों और प्रशासनिक मदों में गड़बड़ी की विस्तृत शिकायत की थी। शिकायत को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने 5 फरवरी 2025 को जांच के आदेश जारी किए। जांच की जिम्मेदारी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को संयुक्त रूप से सौंपी गई थी। दोनों अधिकारियों ने पंचायत के सभी मदों और अभिलेखों की गहन जांच की। 28 जुलाई को जारी रिपोर्ट में कुल 11,37,282 रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि की गई। इस रिपोर्ट ने पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार की स्थिति को उजागर कर दिया।
विज्ञापन

जांच में उजागर हुईं कई वित्तीय गड़बड़ियां
पंचायत में सफाई और फॉगिंग के लिए कुल 8,01,868 रुपये निकाले गए थे, लेकिन जांच के दौरान केवल 1,56,640 रुपये के ही अभिलेख उपलब्ध कराए गए। शेष लगभग साढ़े छह लाख रुपये के उपयोग का कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इससे साफ हुआ कि रकम का बड़ा हिस्सा गलत तरीके से खर्च दिखाया गया था।
स्ट्रीट लाइट खरीद में हेराफेरी
ग्राम पंचायत में 100 स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर 3,43,710 रुपये का भुगतान दर्शाया गया था, लेकिन जांच टीम की मौके पर की गई भौतिक जांच में मात्र 37 स्ट्रीट लाइटें ही लगी पाई गईं। शेष 63 लाइटों का कोई पता नहीं मिला, जिससे इस मद में भी गंभीर वित्तीय अनियमितता सामने आई।
निर्माण कार्यों में भी मिली धांधली
नाली निर्माण, खड़ंजा बिछाने और पंचायत सचिवालय के कायाकल्प से जुड़े कई कार्यों में भी अनियमितताओं के प्रमाण मिले। कार्यों की माप पुस्तिकाओं (एमबी) की जांच करता पाया गया कि कई विवरण मौके की स्थिति से मेल नहीं खाते। कंसल्टिंग इंजीनियर ने भी इन एमबी को कूटरचित बताया। इससे स्पष्ट हुआ कि कागज़ों में ही कार्य पूरे दिखाकर भुगतान कराया गया था।
नोटिस का जवाब असंतोषजनक, कठोर कार्रवाई का आदेश
जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रधान और सचिव से स्पष्टीकरण मांगा था। दोनों के जवाबों को असंतोषजनक पाते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया। इसी के तहत प्रधान संतरा देवी के सभी प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया गया है, जबकि सचिव बालेश्वर कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
अंतिम जांच समिति गठित
मामले की निष्पक्ष और अंतिम जांच सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में संजय कुमार, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग और नवनीत सिंह, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग को शामिल किया गया है। यह समिति सभी अभिलेखों, भुगतान, कार्यों और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की पुन: गहन जांच करेगी और अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
विज्ञापन

वर्जन
ग्राम पंचायत सोनबरसा के ग्राम प्रधान संतरा देवी के वित्तीय अनियमितता में बरतने के मामले में वित्तीय अधिकार एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया गया है और संबंधित सचिव बालेश्वर कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
- संतोष कुमार शर्मा, जिलाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें