पानी का छिड़काव नहीं करने का आरोप, धूल से दुकानदारी भी प्रभावित...सेहत भी
डायवर्जन के नाम पर जानलेवा इंतजाम, एक ही लेन से दोतरफा आवाजाही
फरेंदा। फरेंदा में गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य इन दिनों लोगों के लिए राहत से ज्यादा आफत बन गया है। अधूरे निर्माण, उखड़ी सर्विस लेन, धूल के गुबार और अव्यवस्थित डायवर्जन ने राहगीरों व स्थानीय व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दुकानदारों के अनुसार धूल से सामान खराब हो रहे हैं और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। वहीं आमलोेगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी खुलकर सामने आ रही है। फरेंदा चौराहे से लेकर उत्तरी बाईपास तक धूल का ऐसा गुबार उड़ रहा है कि दिन में भी दृश्यता प्रभावित हो रही है। दुकानदारों का कहना है कि पानी का छिड़काव नहीं होने से ग्राहकों ने आना कम कर दिया है। कई स्थानों पर लगे संकेतक मिट्टी की परत से ढक गए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
हाईवे पर अंडरपास, पुल, सर्विस लेन और बाईपास का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन काम की रफ्तार बेहद सुस्त बताई जा रही है। अंडरपास के किनारे अधूरी नालियां खुली पड़ी हैं। सर्विस लेन की हालत बदहाल है। सड़क किनारे उखड़ी मिट्टी और गिट्टी के ढेर राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं।
उत्तरी बाईपास पर निर्माणाधीन सड़क के कारण रूट डायवर्जन किया गया है, लेकिन व्यवस्था ऐसी कि एक ही लेन से दोनों तरफ से भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस व्यवस्था के कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
भैया फरेंदा, पुरंदरपुर, मनिकौरा और रानीपुर क्षेत्र में ओवरब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन उससे सटी सड़कें और नालियां अधूरी पड़ी हैं। कुछ दूरी तक नालियां बनाकर काम छोड़ दिया गया है। अगर समय से काम पूरा नहीं हुआ तो बरसात में जलभराव की भी परेशानी खड़ी हो सकती है।
लोगों ने व्यक्त की पीड़ा
सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके कारण दिक्कतें हो रही हैं। जब सड़क पूरा बन कर तैयार हो जाएगी तब सफर काफी आसान हो जाएगा।
-राजेश मौर्या, फरेंदा
धूल के कारण राहगीरों के साथ स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है। विभाग कभी पानी का छिड़काव भी नहीं करता है।
- विनोद मद्धेशिया, भैया फरेंदा
फरेंदा उत्तरी बाईपास पर ओवरब्रिज का निर्माण तो पूरा हो गया है, लेकिन उसके सामने की सड़क बन रही है। इस कारण एक ही तरफ से वाहनों का आवागमन हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
-हीरा गुप्ता, फरेंदा
हाईवे लगभग तैयार है, लेकिन अधूरे हिस्सों को लेकर लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।
- सच्चिदानंद, राहगीर
स्वास्थ्य पर भी असर
फिजिशियन डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से अस्थमा, एलर्जी, फेंफड़े में दिक्कत हो सकती है। इससे बचाव के लिए मास्क लगाकर रखना चाहिए। जिनको सांस की दिक्कत है उन्हें धूल से दूर रहना चाहिए।
वर्जन
पानी का छिड़काव कराया जाता है। इस समय अगर धूल ज्यादा उड़ रही है तो पानी का छिड़काव बढ़ा दिया जाएगा। जून तक काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद लोगों को राहत मिल जाएगी।
-ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई