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Murder in Maharajganj: वृद्ध बाप ने जमीन लिखने से किया मना, नाराज बेटे ने कर दी हत्या

Wed, 01 Jun 2022 05:03 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।

सार

आरोपी ने हत्या करने के बाद बाजार से दो टी-शर्ट व एक शर्ट खरीदकर पहन लिया। हत्या में प्रयुक्त पहने कपड़ों को रास्ते में फेंक दिया। हत्यारे ने मोबाइल बंद कर दिया तथा राधेश्याम के पिता का मोबाइल फोन लेकर संतोष ने फ्लाइट मोड में कर दिया था, जिससे की लोकेशन आउट न होने पाए।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock
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विस्तार
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महराजगंज जिले के बृजमनगंज क्षेत्र के जंगल में बीते 27 मई को हत्याकर एक वृद्ध का शव फेंका गया था। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू की तो पूरी कहानी सामने आ गई। बुधवार को इस मामले में एक किशोर को पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर हत्यारोपी पिता पुत्र को गिरफ्तार कर पुलिस ने चालान कर दिया गया। वृद्ध पिता जमीन बैनामा करने के लिए तैयार नहीं हुआ तो उसके बड़े बेटे हत्या कर दी। इसमें हत्यारोपी का बेटा एवं किशोर भी शामिल रहा। एसपी डॉ. कौस्तुभ ने बुधवार को घटना का पर्दाफाश करते हुए पूरी जानकारी दी।

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पुलिस ने अनुसार, बाल अपचारी को कोल्हुई कस्बे के लोटन तिराहे से बुधवार को पकड़ा गया। घटना में प्रयुक्त कार, रक्त रंजीत सीट कवर बृजमनगंज रोड पर फेंका गया था, बाल अपचारी की निशान देही पर बरामद किया गया। हत्यारोपी राधेश्याम चौधरी निवासी बर्डपुर वार्ड नंबर 6 टोला पड़रहवां उर्फ करजहिया थाना कपिलवस्तु जनपद सिद्धार्थनगर एवं इनके पुत्र संतोष चौधरी निवासी बर्डपुर वार्ड नंबर 6 टोला पड़रहवां उर्फ करजहिया थाना कपिलवस्तु जनपद सिद्धार्थनगर को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया।

दुकान पर चाय पीए, अंधेरा होने पर जंगल गए

पूछताछ में बाल अपचारी ने बताया कि मुख्य आरोपी राधेश्याम चौधरी निवासी करजहिया पड़रहवा टोला बर्डपुर नंबर 6 थाना कपिलवस्तु जनपद सिद्धार्थनगर शादी विवाह में स्टेज सजाने का काम करते हैं, उनके स्टेज के ठेके में मजदूरी करता था। राधेश्याम चौधरी का बेटा संतोष चौधरी मेरा मित्र था। 27 मई 2022 को संतोष चौधरी लोटन बाजार में अपने कार से करीब 9 बजे दिन में मिलें तथा कार से नौगढ़ आए, वहां कलेक्ट्रेट के सामने करीब 12 बजे राधेश्याम मिलें, उसके बाद राधेश्याम व संतोष नौगढ़ कचहरी मे चले गए।

करीब 2 बजे दिन में राधेश्याम अपने पिता चन्द्रभान चौधरी को लेकर आए साथ मे संतोष भी था। इसके बाद कार में बैठाकर तीनों लोग उसका बाजार (सिद्धार्थनगर) होते हुए बृजमनगंज आए। बृजमनगंज में एक दुकान पर चाय पिये, इसके बाद बृजमनगजं से फरेंदा होते हुए कैम्पियरगंज तक आए। शाम होने का इंतजार करने लगे, जब अंधेरा हो गया तो बृजमनगंज के जंगल में गाड़ी में ही राधेश्याम अपने बेटे संतोष के साथ मिलकर पीछे वाली सीट पर अपने पिता चंद्रभान के मुंह में कपड़ा डालकर मार डाले। इसके बाद शव को जंगल में फेंककर वापस बृजमनगंज के रास्ते नौगढ़ चले आए।

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हत्या के दौरान पहने कपडों को फेंक दिए

बाल अपचारी के अनुसार रास्ते में बृजमनगंज बाजार में दो टी-शर्ट व एक शर्ट एक कपड़े की दुकान से खरीदकर पहन लिए तथा हत्या में प्रयुक्त पहने कपड़ों को रास्ते में निकालकर फेंक दिया गया। सभी लोग जब नौगढ़ कचहरी से दो बजे के बाद चले तो अपना अपना मोबाइल बंद कर दिया तथा राधेश्याम के पिता का मोबाइल फोन लेकर संतोष ने फ्लाइट मोड में कर दिया था, जिससे की लोकेशन आउट न होने पाए। रात 9 बजे के बाद नौगढ़ पहुंचकर राधेश्याम ने मुझे 500 रुपये में रिजर्व टेंपो करके दिया, जिससे मैं घर चला गया तथा घर से नेपाल भागने की फिराक में था कि मुझे पुलिस टीम द्वारा पकड़ लिया गया।

जमीन में टावर लगवना चाहता था राधेश्याम

राधेश्याम चौधरी अपने पिता चंद्रभान (मृतक) से अपने हिस्से की जमीन अपने नाम लिखने के लिए कहे, क्योंकि राधेश्याम जमीन में टावर लगवाना चाहते थे। राधेश्याम के पिता चंद्रभान (मृतक) तैयार नहीं थे, इसलिए उनको मार डाला गया। घटना के दिन टावर वाले से मिलवाने का बहाना बनाकर कचहरी नौगढ़ से चंद्रभान (मृतक) को लाकर गाड़ी में बैठाकर लाने के बाद जंगल में घटना को अंजाम दिया गया।
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