महराजगंज। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। मौसम खराब होने के कारण अस्पतालों में कम मरीज पहुंचे। सर्दी-जुकाम, खांसी, खुजली, दमा, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीज इलाज के लिए पहुंचे।
नौतनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 11 बजे डॉ. रेशमा खातून मरीजों का इलाज करती मिलीं। कौशिल्या देवी ने बताया कि उन्हें एक सप्ताह से बुखार था। कस्बे में इलाज के बाद भी आराम न मिलने पर खून की जांच कराई। इसमें टाइफाइड की पुष्टि हुई है। आरोग्य मेले में पहुंचने पर दवा मिली है। शंकर ने बताया कि उन्हें पिछले दो साल से दमा है। आरोग्य मेले में जांच के बाद जिला अस्पताल जाकर इलाज कराने की सलाह दी गई।
बाबू पैसिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दोपहर 12:20 बजे डॉ. प्रवीण कुमार राय मरीजों को देखते मिले। यहां दयावंती ने बताया कि उन्हें एक सप्ताह से खांसी-बुखार था, लेकिन कई जगह इलाज कराने पर भी फायदा नहीं हुआ। मेले में उन्हें बुखार की गोली और एंटीबायोटिक दी गई, लेकिन सिरप नहीं दिया गया। मरीज नम्रता ने खुजली की शिकायत की, लेकिन उन्हें लगाने की क्रीम की जगह केवल दवाएं दी गईं।
बभनौली माफी रामनगर में 1:15 बजे डॉ. सतेंद्र कुमार मरीजों को देखते मिले। मरीज आलोक ने बताया कि उन्हें मलेरिया बुखार है। इसके लिए वह बहुत दिनों से इलाज के लिए भटक रहे हैं। मेले में दवाएं तो मिलीं, लेकिन कोई जांच नहीं करवाई गई। दीनानाथ ने बताया कि हमें दमा और तेज बुखार है। उन्हें सिर्फ बुखार की दवा दी गई, जबकि दमा का कोई इलाज नहीं हुआ।
डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में किसी भी स्तर पर मरीजों के इलाज में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। सभी डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों को उनकी बीमारी के अनुसार समुचित जांच और सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी केंद्र पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों और चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।