एक मई से अब तक करीब 3000 शिकायतें दर्ज हुई, माह के अंत तक सभी को निस्तारित करने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) केवल नाम का रह गया है। इस पर शिकायत करना और न करना एक बराबर है। हकीकत यह है कि अधिकतर लोगों की शिकायतें निस्तारित ही नहीं होतीं, लेकिन उनकी शिकायतों पर रिपोर्ट जरूर लगा दी जाती है। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारी यह भी नहीं पूछते कि पीड़ित कार्रवाई से संतुष्ट हैं या नहीं। आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों की भरमार है। समस्याओं के समाधान के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन उसमें भी झोल है। जैसे-तैसे शिकायत को निस्तारित कर खानापूर्ति कर दी जाती है।
जानकारी के अनुसार, जिले में एक मई से अब तक करीब 3,000 शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल पर आई हैं, अधिकारियों का दावा है कि माह के अंत तक सभी शिकायतें निस्तारित कर दी जाती हैं। अधिकारियों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण ढंग से सभी शिकायतों का निस्तारण होता है। वर्तमान में कोई मामला डिफाल्टर नहीं है। सदर, निचलौल, फरेंदा, नौतनवां तहसीलों से जुड़े तमाम लोग अलग-अलग मामलों को लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पोर्टल पर शिकायत होती है। मामले में सुनवाई भी होती है। अचानक मामला निस्तारित हो जाता है। इसका पता भी नहीं चलता है। कुछ लोगों ने बताया कि मोबाइल फोन पर संदेश भी आता है।
...
निस्तारण किस तरह से हो गया, यह समझ में नहीं आया
खोन्हौली निवासी देवेंद्र कुमार भारती ने बताया कि 26 मई 2022 को आईजीआरएस संख्या 40018722007173 पर शिकायत की थी। गांव के प्राथमिक विद्यालय से सटे ग्राम सभा की भूमि पर्याप्त में उपलब्ध है। फिर भी विद्यालय परिसर का क्षेत्र कम है। ऐसे में बच्चों को पढ़ने के साथ खेलने-कूदने में परेशानी होती है। इसी की शिकायत पोर्टल पर की गई थी। जिम्मेदारों ने बगैर जांच किए ही ऑफिस में बैठकर आवेदन पर कंप्लेन नॉट रीलेटेड टू स्टेट लेवल नोडल एजेंसी लिखकर मामले का निस्तारण कर दिया। देवेंद्र ने बताया कि शिकायत करने का कोई मतलब नहीं है। निस्तारण किस तरह से हो गया, यह समझ में नहीं आ रहा है।
...
जैसे-तैसे निस्तारण हुआ तो दूसरी बार की शिकायत
बरगदही गांव रहने वाले रामकृपाल गुप्ता ने बताया कि चार अप्रैल को आईजीआरएस संख्या 200818723003063 पर शिकायत कर ग्राम प्रधान सेमरहना का चुनाव के दौरान प्रयोग होने वाले संपूर्ण दस्तावेज जांच करने की मांग की थी। शिकायत करने के दौरान न्यायालय का एक निर्णय एवं आदेश पत्र भी शामिल किया गया था। फिर भी अधिकारियों ने आवेदन की जांच करना मुनासिब नहीं समझा। रामकृपाल ने बताया कि अधिकारी ऑफिस में बैठकर ही आवेदन को निस्तारण करते हुए रिपोर्ट लगा दी। रिपोर्ट में लिखा गया है कि आरोपी किसी भी कूटरचना से इन्कार कर रहा है। ऐसे में पुन: इस मामले में आईजीआरएस पर शिकायत की है, जो अभी लंबित पड़ा है। देखना है कि शिकायत का निस्तारण कब होता है।
...
सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जा रहा है। पोर्टल पर जितनी शिकायतें आती हैं, उसे समयबद्ध निस्तारित किया जा रहा है। जनसमस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी