महराजगंज में विकास भवन में कार्यालय खुलने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग के साथ काम शुरू हुआ।
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दफ्तर खुले, कहीं अफसर तो कहीं कर्मी मौजूद
महराजगंज। शासन के निर्देश पर 27 दिन बाद सोमवार को जिले के अधिकांश सरकारी कार्यालय खुले नजर आए। कोरोना के डर के बीच कार्यालयों में कहीं अधिकारी तो कहीं कर्मचारी कार्य करते नजर आए, जबकि कुछ कार्यालयों में सन्नाटा पसरा मिला। कार्यालयों में साफ-सफाई व बचाव के उपाय चाक चौबंद रहे। सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया।
कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री ने 25 मार्च से 14 अप्रैल तक प्रथम चरण का 21 दिवसीय लॉकडाउन घोषित किया था। दूसरे चरण में भी 15 अप्रैल से तीन मार्च तक लॉकडाउन को बढ़ाए जाने से कर्मी घरों में मौजूद रहे। शासन द्वारा 20 मार्च से कार्यालय खोलने के निर्णय के उपरांत विकास भवन के अधिकांश कार्यालय, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग, एआरटीओ कार्यालय, व्यापार कर कार्यालय, वन विभाग समेत अन्य विभाग भी सोमवार को खुले थे। विकास भवन में अधिकांश कार्यालयों में विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे, जबकि कुछ विभाग के कार्यालय में या तो अधिकारी नजर आए अथवा कर्मचारी। मौजूद लोग विभागीय कार्य को निपटाते पाए गए। आमजन के न आने से कार्यालयों की रौनक गायब दिखी। विकास भवन व अन्य कार्यालयों के आसपास स्थित चाय की दुकानों के सामान्य दिनों की तरह न खुलने से कर्मियों को समस्या उठानी पड़ी। जो लोग टिफिन के साथ आए थे उनके लिए तो राहत थी, मगर जो लोग स्वयं की व्यवस्था कर नहीं आए थे वे दुकान ढूंढते नजर आए। जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में कार्यालयों को खोला गया है। जिम्मेदारों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यालय खोलने को लेकर दिए गए निर्देशों का पालन करना भी सुनिश्चित करें।