बिगड़े हालात की वजह से नेपाल में मालवाहक वाहनों की आमद घटी है। इससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। सीमा पार तस्करी का असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा है। ऊंची कीमतों पर जरूरी सामानों को सीमा पार पहुंचाने की होड़ से सोनौली व आसपास के क्षेत्रों में महंगाई आसमान पर है।
दोनों देशों के मुनाफाखोर आवश्यक वस्तुओं को सीमा पार पहुंचाने में जुटे हैं। रसोई गैस से लेकर पान मसाले तक की तस्करी हो रही है। नेपाल से सटे यूपी के बाजारों में ऊंची कीमतों के बावजूद खरीद-बिक्री तेज है। ज्यादा असर सोनौली, ठूठीबारी, बरगदवा, भगवानपुर में देखा जा रहा है।
ठूठीबारी के व्यापारी विनोद कश्यप के मुताबिक आंदोलन से पहले 24 घंटे में औसतन 500 गाड़ियां नेपाल पहुंचती थीं लेकिन अब ऐसा नहीं है। भारतीय मालवाहक गाड़ियों को निशाना बनाए जाने के बाद से काफी कम संख्या में ट्रक नेपाल पहुंच रहे हैं।
एसएसबी के प्रभ्ाारी कमांडेंट मिथ्ाुल कुमार ने बताया कि तस्करों के खिलाफ अभियान को लेकर एसएसबी ने सख्ती बढ़ा दी है। निगरानी व छापों की वजह से डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस के तस्करी की कोशिशें विफल हुई हैं।’