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Maharajganj News: चीन की किशमिश की धड़ल्ले से हो रही तस्करी

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महराजगंज/सोनौली। कस्टम ड्यूटी चोरी कर तस्कर चाइनीज किशमिश और नेपाली टूथपेस्ट सरहद पार कर रहे हैं। इससे उनका मोटा मुनाफा हो रहा है। बीते दिनों बॉर्डर क्षेत्र में इसकी बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों ने की। तस्कर सीमावर्ती क्षेत्र में एकत्र सामान गोरखपुर, लखनऊ मंडी में आसानी से पहुंचाते हैं।
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जानकारी के अनुसार, किशमिश भारत में 500 से 600 रुपये किलो और टूथपेस्ट भारतीय एमआरपी में बिकती है। वहीं चीन से नेपाल आयात की गई किशमिश 300 रुपये किलो है। टूथपेस्ट पर अंकित मूल्य नेपाली मुद्रा में है। इसे भारत में तस्कर लाकर दोगुना लाभ उठा रहे हैं। इससे सरकार के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
सीमावर्ती इलाकों में नेपाल निर्मित टूथपेस्ट और चाइनीज किशमिश की भरमार है। मोटे मुनाफे के चक्कर में कैरियर के जरिए इसे मंगाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो भारत के गोरखपुर, कानपुर तक इसकी सप्लाई की जा रही है। बीते दिनों हुई बरामदगी में यह बातें सामने आई थी।
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एक जैसे सामान होने के कारण ग्राहक इसे समझ नहीं पाते और बाजार में नेपाली प्रोडक्ट आसानी से खप जा रहा है। किशमिश गत्ते से निकालने पर पता ही नहीं चल पाता है। बॉर्डर एरिया में कॉस्मेटिक सामान काठमांडों, हितोंडा और भैरहवा से लाकर खापाया जा रहा है।
किशमिश को नेपाल में पहले चाइना से इम्पोर्ट कर फिर भारत में भेजा जा रहा है। इसमें तस्कर कैरियर के रूप में महिलाओं का उपयोग करते हैं। सीमावर्ती इलाकों में लाकर पहले एकत्रित करती हैं। नेपाली रेट पर खरीदकर भारतीय दामों पर बेचकर तस्कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। नेपाल से सोनौली के रास्ते रोजाना करोड़ों रुपये के तस्करी के समान खपाए जा रहे हैं। इसमें किशमिश, टूथपेस्ट, शैंपू, साबुन, मसाला, पाउडर, सौंदर्य प्रसाधन के उत्पाद शामिल हैं।
होता है दोगुना का मुनाफा : इन सामानों में कुछ कास्मेटिक उत्पाद तो नकली है। इनपर मेड इन चाइना भी लिखा होता है लेकिन अधिकांश सामान असली और नेपाली ब्रांड के ही हैं। टूथपेस्ट की कीमत नेपाल में 90 रुपये है, जबकि भारत में इसी रेट पर बिक जाता है।
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