महराजगंज। सीमावर्ती इलाकों में समय-समय पर तस्करी का ट्रेंड बदलता रहता है। नेपाल में जिन चीजों की मांग अधिक होती है, उसी की तस्करी शुरू हो जाती है। अब गेहूं की बुवाई शुरू हो गई है तो तस्कर पहले से ही गेहूं का बीज सीमा पार करने लगे हैं। अभी सीमावर्ती इलाकों में इसकी बरामदगी नहीं हुई। 1500 रुपये बोरी का बीज वहां 2000 रुपये में बिक जा रहा है।
भारत-नेपाल की खुली सीमा से बहुत सी वस्तुओं की तस्करी होती है। अब तस्करी के सामान के रूप में भारतीय गेहूं बीज भी शामिल हो गया है। सूत्रों की मानें तो इन दिनों जनपद से सटी नेपाल सीमा पर गेहूं बीज की तस्करी जोरों पर है। रोजाना सैकड़ों बोरी गेहूं बीज भारत से नेपाल पहुंचाया जा रहा है।
मौसम के अनुसार गेहूं बुवाई की तैयारियां शुरू होते ही तस्करों का ध्यान कृषि से जुड़ी वस्तुओं की ओर केंद्रित हो गया है। सूत्रों की मानें तो हर बार ऐसा होता रहा है। फसल की बुवाई के वक्त वैसे तो हर साल खाद की तस्करी खूब होती रही है, लेकिन इस बार गेहूं बीज, कीटनाशक और खेती की दवाएं भी उस पार भेजी जा रही हैं। झुलनीपुर, ठूठीबारी, परसा मलिक, सोनौली और नौतनवा के सीमावर्ती इलाके से सटे नेपाल सीमा पर ऐसा खूब हो रहा है। आलम यह है कि लोड डीसीएम यहां आते ही कुछ ही देर में गेहूं बीज साइकिलों से सीमा पार नेपाल पहुंच जा रहा है। इसके अलावा कीटनाशक, कृषि यंत्र भी नेपाल पहुंचाए जा रहे हैं। सिसवा और नौतनवा में खुदरा दुकानदारों के यहां ये बीज गुणवत्ता के हिसाब से 1250 से 1500 रुपये प्रति बोरी में उपलब्ध है। बोरी में 50 किलोग्राम बीज आता है। नेपाल में यहीं बोरी जो तस्करी करके पहुंचाई जाती है। वहां यह 2000 रुपये की बिकती है। अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि अभी ऐसा मामला सामने नहीं आया है। जांच करके कार्रवाई की जाएगी।ी