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Maharajganj News: सुस्त धान खरीद से लक्ष्य पर संकट, सिर्फ 46.46 प्रतिशत खरीद

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एक जनवरी तक जिले में कुल 1,05,946.771 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई
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दो महीने में लक्ष्य का मात्र 46.46 प्रतिशत धान खरीद, 54 फीसदी खरीद शेष
महराजगंज। जिले में धान खरीद की धीमी रफ्तार से शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा करना चुनौतीपूर्ण होता नजर आ रहा है। एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी तक चलेगी। एक जनवरी तक जिले में कुल 1,05,946.771 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। इस तरह दो महीने में लक्ष्य का मात्र 46.46 प्रतिशत धान खरीद किया गया है। अब लक्ष्य को पूरा करने के लिए शेष दिनों में करीब 54 फीसदी धान की खरीद की जानी है।

जानकारी के अनुसार, शासन स्तर से इस वर्ष जिले के लिए 2.28 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए जिले भर में 180 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद खरीद की सुस्ती ने प्रशासन के साथ-साथ किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 69 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। बीते साल धान का समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल था। इस वर्ष इसे 69 रुपये बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। बावजूद इसके, किसान बड़ी संख्या में क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि कई केंद्रों पर तौल में देरी होती है और उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। भुगतान समय पर न होने की आशंका भी किसानों को परेशान कर रही है। इसके अलावा मिलरों को धान प्रेषण में देरी, गोदामों में जगह की कमी और निजी व्यापारियों द्वारा सरकारी दर से अधिक दाम देने का लालच भी खरीद को प्रभावित कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, एक जनवरी तक जिले के 28,793 किसानों से धान की खरीद की जा चुकी है। इन किसानों से कुल 1,05,946.771 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। खरीदे गए धान में से 54,151.231 मीट्रिक टन धान मिलरों को प्रेषित किया जा चुका है, जबकि शेष धान विभिन्न क्रय केंद्रों पर भंडारित है।
मिलरों को धान भेजने की प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत धीमी बताई जा रही है। भुगतान की स्थिति पर नजर डालें तो प्रशासन का दावा है कि अब तक किसानों को कुल 25,310.68 रुपये का भुगतान किया जाना है। इनमें से 23,501.81 रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। यह कुल देय भुगतान का 92.85 प्रतिशत है। किसान रामाज्ञा गुप्ता, बहादुर, महेंद्र, गोलू, संतोष और मनोज का कहना है कि मुजुरी और गिरगिटिया क्रय केंद्रों पर बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है।
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वर्जन

धान खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। लगातार इसकी निगरानी की जा रही है। केंद्र प्रभारियों के साथ समीक्षा भी की जा रही है, ताकि धान खरीद लक्ष्य को समय से पूरा किया जा सके।

-विवेक सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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