महराजगंज। सितंबर के महीने में हो रही तेज धूप और उमस भरे मौसम से लोगों में त्वचा संबंधी दिक्कतें बढ़ गई हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में लगभग 800 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें 135 से अधिक त्वचा रोग से पीड़ित पाए गए। कुछ को घमौरी की दिक्कत थी तो कइयों के त्वचा पर लाल दाने व खुजली के लक्षण मिले। चिकित्सकों ने हल्के कपड़े पहनने, धूप से बचने के साथ गर्मी में बाहर कम निकलने की सलाह के साथ दवा नियमित लेने व तरल पेय अधिक प्रयोग करने का सुझाव दिया।
मई- जून की गर्मी ने लोगों को खूब सताया। चटख धूप के कारण अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक रिकार्ड हुआ। जुलाई व अगस्त में मानसून की सक्रियता से तापमान कुछ कम हुआ तो लोगों को कुछ राहत प्राप्त हुई। अब सितंबर महीने की तेज धूप व उमस भरा मौसम लोगों को त्वचा रोगी बना रहा है। सुबह 10 बजे के लगभग जिला अस्पताल में भीड़ की अधिकता देखी गई।
विभिन्न दिक्कतों के अलावा काफी संख्या में लोग त्वचा संबंधी बीमारियों से प्रभावित मिले। उमस के कारण फंगस इन्फेक्शन की समस्या इन दिनों तेजी से पनप रही है। शरीर में छोटे-छोटे लाल रंग के चकत्ते पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. एके द्विवेदी ने बताया कि गर्मी और उमस के कारण एलर्जी से शरीर में लाल दाने हो रहे हैं। कई को खुजली की समस्या हो रही है।
आंखों में जलन हो रही है। रोजाना 100 से अधिक मरीज त्वचा रोग से संबंधित आ रहे हैं। पसीने से शरीर में गीलापन रहने के कारण स्किन एलर्जी, त्वचा पर दाने, चकत्ते, दाद, खाज-खुजली और काले धब्बे पड़ने की समस्या देखी जा रही है। इस तरह की समस्या होने पर रोगी के उपयोग की गई किसी वस्तु का प्रयोग न करें। अन्यथा दूसरे व्यक्ति में भी समस्या हो सकती है।
सीएमएस डाॅ. एपी भार्गव ने कहा कि अस्पताल में त्वचा रोगियों की संख्या जरूर बढ़ी है, लेकिन मरीजों को दवा, घमौरी नाशक जरूरी दवा उपलब्ध कराने के साथ बचाव की जानकारी भी दी जा रही है।