फरेंदा। साहब मैं गरीब किसान हूं, एक व्यक्ति ने पत्नी काे कर्ज दिलाने का झांसा देकर उपनिबंधन कार्यालय पर ले जाकर जमीन का बैनामा करा दिया। आरोपी ने पत्नी को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया है। मुझे डर है कि आरोपी कभी भी मेरी हत्या करवा सकता है।
यह बातें एक किसान ने फरेंदा तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को अपनी पीड़ा बताते हुए कही। मामले में जिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष पुरंदरपुर को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। किसान ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि पत्नी के साथ दो बेटे व तीन बेटियां है। गजपति पुरंदरपुर निवासी एक व्यक्ति पत्नी को झांसा देकर उसे कर्ज दिलाने के बहाने जमीन का बैनामा गांव एक व्यक्ति के नाम करा दिया, इससे परिवार भूखमरी के कगार पर पहुंच गया।
वहीं धरैची सेमरहनी, शिकारगढ़ निवासी विजय मद्धेशिया ने ग्राम पंचायत के मतदाता सूची में गंभीर अनियमितता की शिकायत डीएम से की है। उन्होंने कहा कि गांव के कई व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में नहीं है जो कि पात्र हैं। फरेंदा के छितही बुजुर्ग निवासी शिवमूरत ने परफारमेंस ग्रांट से बनी सीसी रोड मानक विहीन होने की शिकायत की। डकही बृजमनगंज निवासी अमरावती ने पात्र होने के बावजूद भी राशन कार्ड निरस्त करने की शिकायत की है।
जिलाधिकारी ने मातहतों को निर्देश देते हुए मामले की जांच तहसीलदार से करने का आदेश दिया है। डीएम ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्ण होनी चाहिए। 70 वर्ष के ऊपर के बुजुर्गों का आयुष्मान कार्ड हरहाल में बन जाना चाहिए। आईजीआरएस के शिकायत का निस्तारण ठीक ढंग से करें। पेंशन संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लें। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ, एसडीएम शैलेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता ई. चंद्रेश उपाध्याय, मंडी निरीक्षक दीपक गुप्ता सहित तमाम लोग रहे।
स्पीकअप
धानी क्षेत्र के हथिगढ़वा निवासी अकाली ने वर्ष 2011 में बैनामा लिया था। पीड़ित का नाम भी दर्ज हो चुका है। उसके बाद भी कुछ लोग मृतक के नाम से फर्जी स्टांप तैयार कर जमीन हड़पना चाहते हैं। जमीन सड़क के किनारे होने के कारण कीमत अधिक है इस कारण लोगों के मन में लालच आ गया है। कई बार शिकायत किया लेकिन समाधान नहीं हाे रहा है।
- केदार, निवासी हथिगढ़वा, बृजमनगंज
पिता की मृत्यु के बाद बड़ा भाई पिता की दवा कराने के नाम पर हमारे हिस्से की खेत को गांव के एक व्यक्ति को 1.20 लाख रुपये में रेहन रख दिया है। जबकि पिता की जायदाद में आधा आधा हिस्सा है लेकिन नहीं मिल रहा है। मामले की शिकायत किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- वासुदेव गुप्ता, जंगल जोगियाबारी, फरेंदा
समाधान दिवस से सिर्फ तारीख और आश्वासन लेकर लौट रहे फरियादी
नौतनवा। तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने जनसुनवाई की। इसमें कुल 75 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 11 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अन्य फरियादियों को तारीख दी गई।
लोली निवासी पोखरभिंडा टोला कविलाशपुर ने बताया कि उनके घर तक जाने वाले एकमात्र मार्ग को पटीदारों ने खोदकर अवरुद्ध कर दिया है। जिससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महीनों से थाने और तहसील का चक्कर काट रही हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
मो. उमर निवासी मदरहा ककटही ने बताया कि गांव में उनकी करीब साढ़े 12 डिसमिल भूमि है। जिसपर विपक्षियों ने जबरन कब्जा कर लिया है। पिछले करीब आठ माह से भूमि को कब्जामुक्त करा न्याय दिलाने की गुहार लगाए दौड़ रहा हूं लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। समाधान दिवस के दौरान एसडीएम नवीन प्रसाद, सीओ बसंत सिंह, तहसीलदार कर्ण सिंह, नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार सुदेव पटेल, बीडीओ मृत्यंजय यादव, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे। संवाद
निचलौल में आए 35 मामले, पांच का निस्तारण
महराजगंज। तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता व पुलिस क्षेत्राधिकारी रविन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया। तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से 35 फरिवादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई। मजह पांच मामलों का निस्तारण किया जा सका। शेष मामलों में संबंधित विभाग के जिम्मेदारों को मौके का निरीक्षण के साथ निस्तारण करने के लिए आदेशित किया गया है।
उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से 35 मामले प्राप्त हुआ है। अधिकांश 15 मामले विकास विकास से तथा 15 मामले राजस्व विभाग के अलावा पांच मामले अन्य विभागों से प्राप्त हुआ है। वहीं सदर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन एसडीएम सदर की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस दौरान कुल 35 मामले आए, जिसमें से मात्र दो का ही निस्तारण किया गया। ब्यूरो