सिंदुरिया प्रकरण की जांच के लिए कांग्रेस नेताओं ने डीएम से मुलाकात की।
- फोटो : विनोद गुप्ता
सिंदुरिया प्रकरण में शुक्रवार को डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। जांच एसडीएम सदर को मिली है। साथ ही दरोगा को दूसरे जोन में तबादला के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखेंगे।
सदर कोतवाली क्षेत्र के सिंदुरिया स्थित भारतीय स्टेट बैंक में शनिवार को सर्वर नहीं काम करने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा किया था। पुलिस ने बल पूर्वक खदेड़ना शुुरु कर दिया था। गुस्साए लोगों ने चप्पल फेंकने के साथ ही सिंदुरिया चौकी पर पथराव कर दिया था। लाठीचार्ज में जहां कई उपभोक्ता घायल हो गए थे। वहीं पथराव में कई सिपाही भी घायल हुए थे। एसबीआई के सहायक प्रबंधक रामाकांत मिहिर की तहरीर पर एक नामजद व 150 अज्ञात पर हत्या के प्रयास, बलवा समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। राजू चौधरी, राकेश चौधरी, अजय गुप्ता, श्यामदेव, लक्ष्मण समेत सात को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो दिन बाद ही एसपी ने सिंदुरिया चौकी प्रभारी रहे अंजनी राय को हटाकर कोतवाली थाने से संबद्ध कर दिया था।
इस पूरे घटना क्रम को डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने कहा कि कोई भी निर्दोष जेल नहीं जाएगा। जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही उन्होंने दरोगा के दूसरे जाने में तबादले के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही है।