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Maharajganj News: मिठाई पर लगा चांदी का वर्क...असल में एल्युमिनियम की परत

Wed, 05 Mar 2025 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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एल्यूमिनियम का वर्क लगी मिठाई। 
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महराजगंज। मिठाई खरीदते समय चमक पर गए तो सेहत खराब हो जाएगी। जिसे चांदी का वर्क समझा जाता है, असल में वह एल्युमिनियम की परत होती है। इससे सेहत को खतरा रहता है।
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त्योहारी सीजन पर चमकीली परत लगी मिठाइयां सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं। वजह मुनाफाखोरी के लिए कई दुकानों पर चांदी के वर्क की बजाए एल्युमिनियम का वर्क लगाया जा रहा है। चांदी की तुलना में एल्युमिनियम वर्क सस्ता होने के कारण इसकी बिक्री भी जोरों पर है। डॉक्टरों के अनुसार एल्युमिनियम का सर्वाधिक असर लीवर और गुर्दे पर पड़ता है। शरीर में एल्युमिनियम के अधिक मात्रा में जाने से कई घातक रोग भी हो जाते हैं।
वहीं असली वर्क दिमाग की नसों को आराम देता है और सेहत के लिए फायदेमंद होता है। शहर से लेकर देहात तक की दुकानों पर मिठाइयां बन रही हैं। उसे आकर्षक लुक देने के लिए उसमें नई-नई सुंदरता को लाया जा रहा है। इसी क्रम में गुलाब जामुन सहित अन्य दूध के सूखे मिठाई में चांदी का वर्क लगाया जाता है, लेकिन चांदी का भाव एक लाख के करीब पहुंचने से इसमें भी दुकानदार एल्युमिनियम और केमिकल का प्रयोग कर रहे हैं।
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ऐसे में मिठाई की दुकानों के शो केस में चांदी का वर्क लगी हुईं मिठाइयां रखी दिख जाएंगी। लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए चांदी का वर्क खूब लगाया जा रहा है। दुकानदारों के अनुसार, असली चांदी करीब 97 हजार रुपये प्रति किलोग्राम है। इससे बने पेपर की कीमत भी एक लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ही आसपास आएगी। इतना महंगा पेपर वर्क इस्तेमाल करने पर मिठाई का दाम भी बढ़ जाएगा। लिहाजा धंधेबाजों ने इसकी जगह एल्युमिनियम वर्क मंगाना शुरू कर दिया।
मिठाई में इसलिए इस्तेमाल होता है चांदी वर्क
चांदी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिससे बैक्टीरिया पनपने की संभावना बहुत कम हो जाती है। चांदी का वर्क लगाने से मिठाइयां लंबे समय तक खराब नहीं होती हैं। चांदी में एन्टीमाइक्रोबायल गुण होने के कारण मिठाई या भोजन को विषाक्त होने से भी बचाया जा सकता है।

ये मिठाइयां हो सकती हैं महंगी
मिठाई विक्रेता शेषनाथ ने बताया कि चांदी के दाम बढ़ने से चांदी भस्म पाक, काजू कतली, बेसन चक्की, बंगाल मीठा, खोया दिलखुश, खोया अनार, काजू कलश समेत अन्य कई तरह की मिठाइयां महंगी हो सकती हैं। इन सभी मिठाइयों पर चांदी का वर्क चढ़ाया जाता है।

चांदी का वर्क 19 रुपये प्रति पत्ती की दर से मिलता
दुकानदार रमेशचंद्र ने बताया कि चांदी का वर्क जिसे सिल्वर लीफ भी कहते हैं, अलग-अलग ब्रांड और पैक साइज के हिसाब से अलग-अलग कीमतों पर मिलता है। 15 ग्राम के पैक में चांदी का वर्क 19 रुपये प्रति पत्ती की दर से मिलता है। महंगाई बढ़ने से इनके दाम में इजाफा हो सकता है।
हवा के संपर्क में आते ही ऑक्सीकृत हो जाती है चांदी

जानकारों के मुताबिक आम लोग भी मिठाई में चांदी के वर्क को लेकर उसमें मिलावट की पहचान कर सकते हैं। जहां एल्युमिनियम फॉयल लंबे समय तक चमकीला और चमकदार रहता है, वहीं चांदी हवा के संपर्क में आते ही ऑक्सीकृत हो जाती है, जिससे वह हल्की लाल होने के साथ सफेद रंग फीका पड़ जाता है। खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत खाने योग्य चीजों में उपयोग के लिए चांदी की पन्नी 99.9 प्रतिशत शुद्ध होनी चाहिए। एल्युमिनियम फॉयल सफेद-ग्रे होता है और सांद्र हाइड्रोक्लोरिक एसिड में आसानी से घुलनशील होता है, जबकि सिल्वर फॉयल नहीं होता है। मिठाइयों पर गलत फॉयल का इस्तेमाल करने से एक्यूट गैस्ट्राइटिस, गंभीर डायरिया, पेचिश, डिहाइड्रेशन और किडनी में सूजन हो सकती है।
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