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शिखा दुबे हत्याकांड: मारकर जीने की कातिल हसरत ने बना दिया हत्यारोपी,न प्यार मिला न प्रेमी-गवाही से तय होगी सजा

Sat, 04 May 2024 05:05 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

शिखा ने बताया कि उसे पड़ोसी दीपू यादव से प्यार हो गया था। दोनों को पता था कि उनके घरवाले इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं होंगे। ऐसे में दोनों ने घर से भागने और परिजनों से पीछा छुड़ाने के लिए एक खतरनाक साजिश रची। दोनों ने तय किया कि शिखा की कद काठी की किसी महिला की हत्या कर उसे शिखा की पहचान दे दी जाए।
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मृतक की फाइल फोटो, वहीं शिखा दूबे को छुकर पिता ने जिंदा होने की बात पर यकीन किया था - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिखा दुबे हत्याकांड का मामला न्यायालय में अंतिम दौर में चल रहा है। इस मामले में एक युवती पूजा की हत्या कर उसे शिखा साबित करने की कोशिश की गई थी। आरोप, शिखा और उसके दीपू प्रेमी पर है। अब पूजा का परिवार, आरोपियों को सजा दिलाने के लिए केस लड़ रहा है।

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इस केस में 10 गवाह हैं, जिसमें से छह की गवाही पूरी हो चुकी है। जांच प्रक्रिया में शामिल रहे कुछ पुलिस कर्मी, जो अब रिटायर हो चुके हैं, 16 मई को उनकी गवाही होनी है, जिसके बाद आरोपियों की सजा तय हो सकती है।

घटना 11 जून 2011 की है। सिंघड़िया में एक युवती की लाश मिली थी। उसकी कद-काठी और उम्र से पता चला कि वह इंजीनियरिंग कॉलेज के कमलेशपुरम कॉलोनी इलाके से गायब युवती शिखा दुबे है। उसके पिता को बुलाया गया।
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रिश्तेदार भी जुटे, सबने माना लाश शिखा की ही है। इस दौरान पिता रामप्रकाश दुबे ने पड़ोसी दीपू पर हत्या की आशंका जताई और केस दर्ज करा दिया। यहां मिली महिला की लाश को अपनी बेटी का समझ कर उसके पिता ने अंतिम संस्कार भी किया।

घटना के खुलासा होने के बाद शिखा दूबे - फोटो : अमर उजाला
पुलिस जांच करने पहुंची तो पता चला कि दीपू भी घर से लापता है। जांच के दौरान पुलिस को खबर मिली कि आरोपी दीपू, सोनभद्र में है। सोनभद्र पहुंची पुलिस टीम तब हैरान रह गई, जब वहां केवल दीपू ही नहीं, शिखा भी मौजूद मिली। पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर गोरखपुर ले आई। यहां आने के बाद शिखा ने हकीकत बताई।

घरवाले नहीं थे तैयार, रची साजिश
शिखा ने बताया कि उसे पड़ोसी दीपू यादव से प्यार हो गया था। दोनों को पता था कि उनके घरवाले इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं होंगे। ऐसे में दोनों ने घर से भागने और परिजनों से पीछा छुड़ाने के लिए एक खतरनाक साजिश रची। दोनों ने तय किया कि शिखा की कद काठी की किसी महिला की हत्या कर उसे शिखा की पहचान दे दी जाए।

सोनभद्र की युवती को उतारा था मौत के घाट
हत्या की इस साजिश में दीपू का दोस्त सुग्रीव भी शामिल था, जो एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी था। उसका अक्सर सोनभद्र जाना होता था। वहां वह एक ऐसी लड़की को जानता था, जो कद-काठी में शिखा से बहुत मिलती थी। उसका नाम पूजा (25) था।
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शिखा दूबे हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पूजा तीन बच्चों की मां थी। दीपू और सुग्रीव उसे गोरखपुर में तीन हजार रुपये की नौकरी दिलाने के बहाने ले आए। सुग्रीव 10 जून की रात में पूजा को ट्रक से कुनराघाट लाया और उधर, शिखा दीपू के साथ घर से भागकर कुसम्ही जंगल पहुंच गई।

जंगल में ट्रक में सवार पूजा को शिखा ने वह कपड़े पहना दिए, जिन्हें पहनकर वह घर से निकली थी। इतना ही नहीं, उसके गले में एक धागा डाला गया, जो शिखा हमेशा पहनती थी। इसके बाद ट्रक में ही पूजा की हत्या कर दी गई।

दोनों ने कर ली है अलग-अलग शादी
इस हत्या का आरोपी बनाते हुए पुलिस ने शिखा और दीपू को जेल भिजवा दिया, बाद में दोनों जमानत पर रिहा हो गए। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने अलग-अलग शादी करके अपनी अलग दुनिया बसा ली। फिलहाल सिविल कोर्ट में अब केस आखिरी दौर में चल रहा है।
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