महराजगंज। जिले में आज से अगले 10 दिनों तक देवी मंदिरों में दुर्गा सप्तशती के मंत्र गूंजेंगे। आज से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इसको लेकर जनपद के सभी प्रमुख देवी मंदिरों की सफाई के साथ आकर्षक रूप से सजाया गया है। ज्योतिषियों के मुताबिक भगवती जगदंबा हाथी पर सवार होकर भक्तों की मुराद पूरी करने पहुंच रही हैं।
जिले के बनरसिया देवी, पोखरभिंडा काली मंदिर, इटहिया देवी सहित सभी देवी मंदिरों में सफाई और रंग-रोगन का कार्य पूरा हो चुका है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि नवरात्र में मां के नौ रूपों की विशेष पूजा व अनुष्ठान का क्रम चलेगा। ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि आज मंदिरों के अलावा घरों में घट स्थापना अभिजित मुहूर्त में होगी। इस नवरात्र सप्तमी तिथि दो दिन की है। अष्टमी के दिन कन्या पूजन व हवन नवमी को एक ही दिन पड़ेगा।
सज गया मां लेहड़ा का दरबार
फरेंदा।
शारदीय नवरात्र की शुरुआत रविवार से हो रही है। इसी क्रम में फरेंदा क्षेत्र के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां लेहड़ा देवी मंदिर पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। फरेंदा क्षेत्र का प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां लेहड़ा देवी मंदिर एक अलग महत्व है।
यह मंदिर महाभारत काल से माना जाता है। मान्यता है कि यहां पर पांडवों ने अपना एक वर्ष का अज्ञात वास बिताया था। उसी दौरान द्रौपदी ने मां दुर्गा को अपनी साड़ी फाड़ कर चढ़ाई थी और विजयश्री का आशीर्वाद लिया था। तभी से यहां चुनरी चढ़ाने की परंपरा की शुरुआत हो गई। लोगों की मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मनौती मां दुर्गा पूरी करती है। नवरात्र के दिनों में दूर-दराज से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नवरात्र में गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, देवरिया सहित तमाम जिलों सहित पड़ोसी देश नेपाल से भक्त पहुंच कर मां के दर्शन कर मनौती मांगते हैं। मंदिर के पुजारी संतोष पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रशासन के साथ स्वयंसेवी संस्थाएं भी लगाई गई हैं। सुरक्षा के लिए मंदिर के अंदर-बाहर सीसीटीवी लगाए गए हैं। प्रशासन की भी नजर प्रत्येक गतिविधियों पर रहेगी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी महिला स्वयंसेवी लगाई गई हैं।