महराजगंज। डकैती के दोषी 60 वर्षीय बुजुर्ग को शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया है कि पीड़ित बैल व्यापारी चूल्हाई निवासी निचलौल में 15 नवंबर 1996 को पुलिस को दिए सूचना में बताया कि रेंगहिया बाजार में कई गांवों के रहने वाले कुछ व्यापारी बैल बेचने पहुंचे थे। जहां पर व्यापारियों को बैल बेचने में देर शाम हो गई। उसके बाद व्यापारी बेचे बैल की रकम लेकर एक कमांडर जीप में सवार होकर घर के लिए निकले थे। इसी बीच कुछ दूर सफर करने के बाद वाहन चालक रास्ते में वाहन जांच की बात कहते हुए वाहन को सुनसान वाली सड़क पर मोड़ लिया।
वहीं कुछ दूर चलने के बाद सुनसान जगह देख वाहन में पीछे सवार शख्स राम बहादुर निवासी जमुई पंडित ने वाहन रोकवा दिया। फिर असलहे से फायरिंग कर व्यापारियों की रकम ले ली। इतना ही नहीं व्यापारियों के विरोध पर आरोपी ने उन पर भी फायरिंग की, जिसमें कई व्यापारी घायल हो गए थे। वहीं घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। फिर मामले में पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज कर 12 दिसंबर 1996 को न्यायालय में चार्ट शीट दाखिल की। आगे इन्होंने कहा कि अपर सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी राम बहादुर निवासी जमुई पंडित थाना निचलौल को दोषी मानते हुए सात वर्ष की कारावास सुनाने के साथ ही 25 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
न्यूनतम सजा के लिए दोषी के अधिवक्ता ने लगाई थी गुहार
न्यायालय में अपर सत्र न्यायाधीश के सामने बहस के दौरान दोषी राम बहादुर के अधिवक्ता ने तर्क देते हुए न्यूनतम सजा के लिए गुहार लगाई थी। तर्क के मुताबिक दोषी राम बहादुर 60 वर्ष का वृद्ध हो चुका है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसे न्यूनतम दंड से दंडित किया जाय। वहीं इनके विपरीत अधिवक्ता ने कहा की आरोपी की ओर से की गई अपराध गंभीर है। इसे अधिकतम सजा सुनाई जाय। वहीं दो पक्षों की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई है।