रोहूआ नाला उफान से संपर्क रोहुआ नाला उफान से 20 हजार आबादी प्रभावित
प्रशासन ने किया नाव का इंतजाम, वन विभाग भी जुटा
महराजगंज। सोहगीबरवा से होकर बहने वाले रोहुआ नाले का जलस्तर बढ़ने से सोहगीबरवा के सात गांव का संपर्क निचलौल तहसील से कट गए हैं। इससे 20 हजार की आबादी सहमी हुई है। वही, चंदन व प्यास नदी बृहस्पतिवार को खतरे के निशान को पार कर गईं और महाव नाला भी खतरे के निशान से ऊपर है।
प्रशासन चंदन, प्यास व महाव नाले के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए था। जलस्तर बढ़ने के बीच बुधवार को ही इन नदी व नाले के आसपास बसे ग्राम पंचायतों में नाव इत्यादि के प्रबंध करा दिया था। बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से आगे बढ़ने के बाद इनकी जलराशि से बांधों की सुरक्षा को लेकर सिंचाई खंड को सजग कर दिया गया और विभागीय कर्मियों ने तत्काल निगरानी व कटान इत्यादि रोकने का प्रबंध शुरू करा दिया।
लेकिन इसी बीच सोहगीबरवां से होकर निकला रोहुआ नाला उफान पर आ गया जिसके कारण निचलौल से सोहगीबरवां जाने वाले मार्ग पर पानी भर गया। इसी मार्ग पर जलराशि के वेग से एक पुराना अर्जुन का पेड़ भी गिर गया जिसके चलते सोहगीबरवां, शिकारपुर, भोथहा,मूजा टोला, मटिअरवा सहित कुल सात गांव का संपर्क तहसील से कट गया। वन विभाग की तत्परता से तत्काल मौके पर नाव की उपलब्धता व मार्ग से गिरे अर्जुन पेड़ को काटकर हटाने का काम शुरू कराया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक नाव के जरिये भी उक्त गांव तक आवागमन बहाल नहीं हो सका।
वर्जन
सोहगीबरवां के रोहुआ नाला उफान से वन्य क्षेत्र के भीतरी सात गांव का संपर्क निचलौल तहसील से कट जाने की जानकारी मिली है। नाव की व्यवस्था कराई गई है। शीघ्र ही नाव से आवागमन बहाल होगा। रास्ते का गिरा पेड़ काटने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है।
- निरंजन सुर्वे, डीएफओ, महराजगंज।