जिले के 32 अनुसूचित जाति बाहुल पिछड़े राजस्व गांवों में विकास कार्य कराए जाने का प्रस्ताव
प्राथमिकता के आधार पर होंगे सड़क, इंटरलॉकिंग, बिजली, शुद्ध पेयजल, नाली, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य विकास कार्य
महराजगंज। जिले में चयनित प्रधानमंत्री आदर्श गांवों के दिन अब बहुरने वाले हैं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत इन गांवों को बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त करने की दिशा में पहल शुरू कर दी गई है। सड़क, इंटरलॉकिंग, बिजली, शुद्ध पेयजल, नाली, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य आवश्यक विकास कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले के 32 अनुसूचित जाति बाहुल पिछड़े राजस्व गांवों में विकास कार्य कराए जाने का प्रस्ताव है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ऐसे गांवों का चयन किया गया था, जहां अनुसूचित जाति (एससी) की आबादी 40 प्रतिशत या उससे अधिक है। इस मानक के आधार पर शासन स्तर से गांवों का चयन किया गया। जिले में वर्ष 2022-23 में 22 गांव व वर्ष 2025-26 में 10 गांव इस योजना के लिए चयनित किए गए हैं। समाज कल्याण विभाग (विकास) की ओर से सभी 32 गांवों की समेकित कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी गई है।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े, विशेषकर अनुसूचित जाति बाहुल गांवों को बुनियादी ढांचे से जोड़ते हुए उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाना है। जिले के चयनित गांवों में वर्षों से सड़क, जलापूर्ति, नाली और बिजली जैसी सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी। बारिश के मौसम में कच्ची सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है। कई गांवों में नालियों के अभाव में जलभराव की समस्या बनी रहती है। योजना के तहत इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यों में गांवों की मुख्य और आंतरिक सड़कों का निर्माण व मरम्मत, सीसी रोड और इंटरलाकिंग, घर-घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करना, स्ट्रीट लाइट लगाना, नालियों का निर्माण और सामुदायिक सुविधाओं का विकास शामिल है। साथ ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
32 गांवों का किया गया है चयन
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, वर्ष 2022-23 में जिन गांवों का चयन हुआ था उनमें बृजमनगंज ब्लॉक का नवाडीह कला, लक्ष्मीपुर का कोदईपुर उर्फ गदहा, नौतनवा का लुठहवा, सदर का अराजीजगपुर, निचलौल का बंदी, बनकटवा, पाली उर्फ हनुमानगंज, परतावल का रुदलापुर भलुही, फरेंदा का बरगदवा और सिसवा का पुरुषोत्तमपुर शामिल है। इन गांवों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इसी तरह में वर्ष 2025-26 के लिए चयनित गांवों में सदर ब्लॉक का सवरेजी, परतावल का मोहनापुर, पनियरा ब्लॉक के मुजुरी और रजौड़ा खुर्द, घुघली ब्लॉक के गोड़धोवा और विश्वनाथपुर सिरसिया, मिठौरा ब्लाक के सिसवनिया, दमकी, नंदना, निचलौल ब्लाक के भेड़िहारी, हरगांव, खम्हौरा, बजही, सिसवा ब्लॉक के लक्ष्मीपुर कोर्ट, रजवल मदरहा, बल्लोखास, फरेंदा के पिपराखल्ली, डडवार खुर्द, सिंहपुर अध्योध्या, नौतनवा ब्लॉक का फरेंदा और लक्ष्मीपुर का रामनगर गांव शामिल है। इन सभी गांवों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्जन
इन गांवों की सर्वे प्रक्रिया जारी है। शुद्ध पेयजल बिजली शिक्षा, अन्य बुनियादी सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद सर्वे प्रपत्र की प्रक्रिया पूरी जाएगी। शासन से स्वीकृति और बजट मिलते ही कार्यों को चरणबद्ध तरीके से शुरू कराया जाएगा।
-महेंद्र प्रताप शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास)