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Maharajganj News: अवैध गोदामों से खाद पहुंच रही नेपाल, जिम्मेदार उदासीन

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कैरियरों को 500 से 600 रुपये देकर धंधेबाज लाखों कमा रहे, खाद को सरहद पार में नेपाल ले जाने पर दूरी के हिसाब से रकम दी जाती
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बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई के बाद भी बनी हुई है तस्करों की सक्रियता
महराजगंज। बॉर्डर इलाके में खादों के अवैध गोदामों पर जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ रही है। मौका देखकर तस्कर इन गोदामों से यूरिया सरहद पार कर रहे हैं। खाद की तस्करी से मोटा मुनाफा कमा रहे धंधेबाज कैरियरों को मात्र 500 से 600 रुपये देते हैं। यह रकम भी खाद को सरहद पार नेपाल ले जाने पर दूरी के हिसाब से दी जाती है। हाल के दिनों सुरक्षाकर्मियों की कार्रवाई में बॉर्डर एरिया में खाद की बरामद की हुई है लेकिन तस्करों की सक्रियता भी बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, धंधेबाजों की ओर से खाद को वाहनों से लाकर बॉर्डर से सटे अवैध गोदामों में डंप कर दिया जाता है। फिर वह लोग धंधेबाज के निर्देश पर मौका मिलते ही बाइक और साइकिल से खाद की बोरियों को सरहद पार कर नेपाल पहुंचा देते हैं। खाद को सीमावर्ती अवैध गोदाम से नेपाल के तय स्थान तक पहुंचाने के बाद भी उन्हें धंधेबाज रकम देते हैं। दिनभर में एक कैरियर आसानी से चार से पांच चक्कर खाद पहुंचा देता है। ऐसे में धंधेबाज खाद पर कम पूंजी लगाकर मामूली खर्चे में लाखों रुपये कमा रहे हैं। बॉर्डर क्षेत्र के लक्ष्मीपुर खुर्द, ठूठीबारी, रामनगर, बरगदवा, भगवानपुर, परसामलिक, श्यामकाट समेत अन्य क्षेत्र में अवैध खाद का गोदाम होने की बात कही जा रही है। ये गोदाम उन स्थानों पर हैं, जहां लोगों की आवाजाही कम होती है। रात में खाद रखकर छोड़ दिया जाता है। मौका देखकर उसे कैरियरों के माध्यम से सरहद पार करा दिया जाता है। बॉर्डर क्षेत्र में तस्करों ने ऐसा नेटवर्क बना रखा है कि जिन क्षेत्रों में निगरानी में ढील होती है वहीं से खाद को बॉर्डर पार कर दिया जाता है।
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कार्रवाई में हो चुका है अवैध गोदाम मिलने का खुलासा
सीमावर्ती इलाकों में खाद के अवैध गोदामों का खुलासा पहले हो चुका है। 2 सितंबर 2025 को राजस्व, पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम भारत नेपाल बार्डर से सटे झुलनीपुर गांव में छापा मारकर खाद की अवैध गोदाम का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान टीम गोदाम से 32 बोरी यूरिया और 12 बोरी फास्फेट खाद को बरामद किया था। इस दौरान जिम्मेदारों की ओर से धंधेबाज के खिलाफ एक्शन भी लिया गया था। लेकिन केवल यह एक्शन फाइलों तक ही सीमित रह गया।
किसानों ने बताया कि फिलहाल खाद की कालाबाजारी को लेकर कुछ महीने पहले जिला प्रशासन की ओर से सीमावर्ती इलाकों के कुछ धंधेबाजों के खिलाफ सख्ती की गई थी। कुछ दिनों तक खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगा था लेकिन फिर से किसान खाद के लिए काफी परेशान हैं। खाद की कमी को लेकर किसानों को समितियों के बाहर पर लंबी-लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। कुछ जगहों पर तो पुलिस की मौजूदगी में खाद बांटी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जिला नेपाल बॉर्डर से जुड़ा होने की वजह से कुछ दुकानदार चोरी छिपे ब्लैक में खाद बेचते हैं। जो नेपाल भेज दी जाती है।
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जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।
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