कांवड़ियों के संबंध में विवादित बयान देने के मामले में सिविल कोर्ट के एक अधिवक्ता ने जदयू नेता व सांसद शरद यादव के खिलाफ लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में बयान वापस न लेने और सार्वजनिक तौर पर मांफी न मांगने की सूरत में उनके खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल करने की चेतावनी दी है।
सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने लीगल नोटिस में लिखा है कि पिछले दिनों जदयू के पूर्व अध्यक्ष व सांसद शरद यादव ने कांवड़ियों के संबंध में कहा था कि वे बेरोजगार हैं। उनके पास कोई काम धंधा नहीं है। इसलिए हरिद्वार जा रहे हैं। जो बेरोजगार होते हैं वे ही कांवर यात्रा करते हैं।
अधिवक्ता ने कहा कि शरद यादव का यह बयान हिंदू धर्म की मान्यताओं व आस्था पर आघात है। दो सप्ताह के अंदर अपने विवादित बयान को शरद वापस नहीं लेते हैं और सार्वजनिक माफी नहीं मांगते हैं तो न्यायालय में उनके खिलाफ वाद दाखिल किया जाएगा।