महराजगंज। विकास खंड निचलौल के ग्राम पंचायत बंदी विशुनपुरा में निर्माणाधीन आरआरसी भवन के निर्माण में अनियमितता बरती गई है। एक कंसल्टिंग इंजीनियर, दो खंड प्रेरक, एडीओ पंचायत से स्पष्टीकरण तलब किया है। वहीं ग्राम सचिव को निलंबित करते हुए प्रधान पर केस दर्ज कराने का निर्देश है। सचिव पर भी केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
30 जून को अमर उजाला में आआरसी भवन में उगा दी सब्जी, जांच टीम गठित शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई। खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में दो सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव और ग्राम पंचायत अधिकारी धीरू कुमार यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) निचलौल को दी।
विकास खंड निचलौल के ग्राम पंचायत बंदी बिशुनपुरा में लगभग 5.65 लाख रुपये की लागत से आरआरसी भवन का निर्माण होना था। निर्माण कार्य शुरू हुए पांच माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सिर्फ नींव से चार फीट ऊंची दीवार और आठ फीट ऊंचे पिलर खड़े किए गए हैं। इसके बाद से काम पूरी तरह ठप पड़ा है। मौके पर सब्जी उगाई जा रही है, जिससे साफ जाहिर होता है कि भवन निर्माण कार्य को बीच में ही छोड़ दिया गया है।
वित्तीय विवरणों की जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत को इस कार्य के लिए कुल 6,53,310 रुपये की क्रेडिट लिमिट मिली थी, जिसके सापेक्ष 100 प्रतिशत राशि की निकासी की जा चुकी है। पीएफएमएस पोर्टल पर यह विवरण उपलब्ध है। वहीं कंसल्टिंग इंजीनियर दिव्यांजलि सिंह ने बताया की यह क्षेत्र उनके कार्यक्षेत्र में आता है, लेकिन उन्होंने माप कार्य नहीं किया है।
इससे यह स्पष्ट हुआ कि बिना मापन पुस्तिका बनाए और बिना निर्माण पूर्ण किए ही भुगतान कर दिया गया। डीपीआरओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान बैजनाथ यादव और ग्राम पंचायत अधिकारी धीरू कुमार यादव केस दर्ज कराने का निर्देश दिया।
निचलौल विकास खंड के दो खंड प्रेरक आशुतोष त्रिपाठी और राघवेंद्र चौरसिया से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस प्रकरण की जांच के लिए एडीओ पंचायत नौतनवा को नामित किया गया है। जिन्हें 72 घंटे में विस्तृत जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।