महराजगंज। विकास खंड मिठौरा के बसंतपुर खुर्द गांव में मनरेगा योजना के तहत फर्जी भुगतान का मामला सामने आने के बाद उपायुक्त श्रम रोजगार सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ), ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सेवक को दूसरी बार नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। एक सप्ताह के भीतर साक्ष्यों सहित जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर सचिव के खिलाफ निलंबन और एपीओ और रोजगार सेवक की सेवा समाप्ति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
डीसी मनरेगा कार्यालय की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार, विकास खंड मिठौरा के ग्राम पंचायत बसंतपुर खुर्द में मनरेगा योजना के तहत किए गए फर्जी भुगतान मामले में शिकायतकर्ता घरभरन मौर्य ने 26 जून को शिकायत दर्ज कराई थी, आरोप था कि गांव के निवासी ब्रम्हानंद अप्रैल में विदेश चले गए हैं। लेकिन उनके नाम पर जून में छह से सात दिन की मजदूरी दिखाकर भुगतान किया गया है। आरोप है कि शिकायत के बाद जांच के लिए भेजे गए एपीओ अंकित श्रीवास्तव ने मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि ब्रम्हानंद हाल ही में विदेश गया है। इस आधार पर मामले को बंद कर दिया गया।
फर्जी मजदूरी का भुगतान भी करवा दिया गया। लेकिन इस मामले में दूसरे शिकायकर्ता योगेश्वर मिश्र ने जिलाधिकारी को ब्रम्हानंद का अप्रैल का हवाई टिकट सौंपकर दोबारा शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर डीसी मनरेगा गौरवेंद्र कुमार सिंह ने स्वयं गांव का निरीक्षण किया और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जांच में यह पुष्टि हुई कि ब्रम्हानंद अप्रैल में ही विदेश चला गया था और उसके हवाई टिकट की तारीख भी अप्रैल की थी।