पंचमुखी शिवमन्दिर इटहियांं मंदिर परिसर में रविवार को जल चढ़ाते श्रद्धालु।संवाद
महराजगंज। स्वयंभू शिव को समर्पित श्रावण मास में श्रद्धा और भक्ति की बयार बह रही है। आज अंतिम सोमवार होने के चलते ब्रह्म मुहुर्त से ही प्राचीन शिवालयों में जलाभिषेक का क्रम प्रारंभ होगा।
इटहिया शिवमंदिर, कटहरा, मुख्यालय सिंचाई विभाग कॉलोनी शिव मंदिर, गोपालपुर व अन्य शिव मंदिरों में सफाई के साथ सुरक्षा का बंदोबस्त पुख्ता है। आखिरी सोमवार के दिन बनने वाला शिववास योग इसे और महत्वपूर्ण बना रहा है।
ज्योतिषाचार्य पं. विंध्यवासिनी पांडेय ने बताया कि अंतिम सोमवार पर इंद्र योग सुबह 07.06 बजे बन रहा है तो सर्वार्थ सिद्धि योग इससे पहले सुबह 05 बजकर 18 मिनट पर बन रहा है। समापन सुबह 09 बजकर 12 पर होगा। श्रद्धालु इस समयसीमा में अभिषेक करें तो विशेष फलदायक रहेगा। उन्होंने बताया कि शिववास योग सुबह 11:41 से लगभग दो घंटे प्रभावी रहेगा।
इस बीच रुद्राभिषेक और विभिन्न पदार्थों से अभिषेक करने से अनन्त फल पा सकते हैं। आज चंद्र अनुराधा और चित्रा नक्षत्र में वृश्चिक राशि में संचरण करेंगे ऐसे में शिव उपासना मानसिक शांति देने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि आखिरी सोमवार को अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं शाम के समय शिव आराधना के बाद श्रृंगार की वस्तुएं माता पार्वती का नाम लेकर दान करें।