सांची से मां स्तुति ने कराई बात, राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला
महराजगंज। उम्र भले ही महज आठ वर्ष है, लेकिन दावा है कि सामने वाला चाहे जितना उम्रदराज हो सांची अग्रवाल से नहीं जीत सकता। उसकी बुद्धिमत्ता किसी एक क्षेत्र में नहीं बल्कि हर उस क्षेत्र में है, जिससे जुड़े सवाल अमूमन लोग पूछते हैं। बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्त करने और प्रधानमंत्री से मिलने का मौका पाकर सांची का हौंसला काफी बढ़ गया है। उपलब्धि मिलने पर उसे कैसा लगा और आगे के लिए क्या तैयारी है, जैसे बिंदुओं पर फोन पर बातचीत की गई। सांची से बातचीत उनकी माता स्तुति अग्रवाल के जरिए हुई। जिले की बिटिया ने बड़ी बेबाकी से प्रश्नों का जवाब दिया। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख अंश..।
सवाल- राष्ट्रीय पुरस्कार पाकर कैसा लग रहा है?
जवाब- मैंने पुरस्कार के लिए अपनी प्रतिभा विकसित नहीं की। मैंने तो सिर्फ वही किया जो मुझे अच्छा लगा। पुरस्कार तो इसलिए मिल गया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के रूप में एक योग्य सख्सियत पर देश चलाने की जिम्मेदारी है।
सवाल- एक साथ कई प्रतिभाएं कैसे संभव हो सका ?
जवाब- अपनी सभ्यता और संस्कृति को जानना प्रतिभा कैसे हो सकती है। मैंने तो सिर्फ शास्त्रीय नृत्य की दो ही विधाओं की जानकारी ली। शास्त्रीय नृत्य और भी हैं।
सवाल- ऐसा क्या हुआ जो प्राचीन नृत्य शैली को अपनाया, जबकि आधुनिक नृत्य का दौर है?
जवाब- जो अपनी चीज होती है उस पर विशेष अधिकार होता है। कथक यूपी की शान है। मैंने सिर्फ अपनी चीज ही तो संभाली है। गैरों की चीजों से मुझे क्या लेना देना।
सवाल- इतनी कम उम्र में ऐसी परिपक्वता कैसे?
जवाब- मां हैं न मेरे पास। उसे वह सब पता है, जो मैं जानना चाहती हूं। वही मेरी बेस्टफ्रेंड है, जिससे मैं हर वह जानकारी लेती हूं जो मुझे नहीं पता। मां ही मेरी गूगल है।
सवाल- प्रधानमंत्री से मिलना और झंडे को लेकर बातचीत क्यों?
जवाब- प्रधानमंत्री मोदी देश चला रहे हैं। अगर देश के तिरंगे का कहीं गलत उपयोग हो रहा तो उनसे ही तो कहूंगी।
सवाल- आगे की क्या तैयारी है?
जवाब- दिल्ली से कल सिसवा लौटना है, इसी की तैयारी है और तो कुछ नहीं।
सवाल- सिसवा लौट कर क्या करना है?
जवाब- पढ़ाई करनी है। लोगों को जागरूक करना है कि तिरंगा इधर-उधर ने फेंकें क्योंकि पीएम मोदी ने ऐसा कहा है। ताइक्वांडो का ब्लैक बेल्ट लेना है और संस्कृत के सभी श्लोक एक जगह लिखना है। जिससे श्लोक न भूले।
सवाल- कुछ और बताइए अपने बारे में?
जवाब- इतना सब तो जान गए मेरे बारे में। अब बंद करिए तो मैं दिल्ली घूमने निकलूं। देखूं कैसी दिखती है दिल्ली।