महराजगंज। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की गई। बैठक में डीएम ने जननी सुरक्षा योजना में कम प्रगति पर मिठौरा के ब्लॉक लेखा प्रबंधक मोहन चौरसिया का वेतन बाधित करने के निर्देश दिया।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने परतावल और फरेंदा के ब्लड स्टोरेज यूनिट को लाइसेंस दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने और एंबुलेंस में एंटी-शॉक गारमेंट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा पूर्ण टीकाकरण में खराब प्रगति पर पनियरा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (एमओआईसी) को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। पोषण सेवाओं की समीक्षा में अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एनआरसी में भर्ती कराने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और फॉलोअप की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि केवल मरीजों की स्क्रीनिंग तक कार्य सीमित नहीं रहना चाहिए। चिह्नित मरीजों को उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ते हुए नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। टेलीकंसल्टेशन में कम प्रगति वाले चिकित्सकों को चिह्नित कर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
रतनपुर, परतावल व बृजमनगंज में टीबी के कम नोटिफिकेशन पर जताई नाराजगी
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर सभी पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने को कहा। वहीं, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में रतनपुर, परतावल और बृजमनगंज में कम टीबी नोटिफिकेशन रेट पर नाराजगी जताते हुए संभावित मरीजों की समय से पहचान, जांच, नोटिफिकेशन और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमओ को शिथिलता बरतने वालों की जवाबदेही तय करने को कहा।
शून्य संस्थागत प्रसव कराने वाली आशा कार्यकर्ताओं को हटाने का निर्देश
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में एएनसी पंजीकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की ट्रैकिंग और फॉलोअप को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। अप्रैल से अगस्त तक शून्य संस्थागत प्रसव कराने वाली आशाओं को चिह्नित कर कार्रवाई करने तथा विगत छह माह में शून्य प्रसव वाली आशाओं को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीडीओ महेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिवम कुमार, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी सहित सभी एमओआईसी, बीपीएम, बीसीपीएम और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।