महराजगंज। जिले में पुष्टाहार (टीएचआर) वितरण को लेकर फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के उपयोग में लापरवाही सामने आई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) दुर्गेश कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी 13 बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) एवं संबंधित मुख्य सेविकाओं का वेतन अग्रिम आदेशों तक अवरुद्ध कर दिया है। साथ ही सभी को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उत्तर प्रदेश द्वारा 25 नवंबर को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि टीएचआर का वितरण केवल फेस रिकॉग्निशन सिस्टम प्रणाली के माध्यम से ही किया जाए। मैनुअल वितरण पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल बंद करने और एफआरएस के जरिए शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश थे।
इन आदेशों का अनुपालन न किया जाना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। 29 नवंबर को जिले की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें कई परियोजनाओं की प्रगति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई।
धानी, मिठौरा, परतावल, बृजमनगंज, पनियरा, सिसवां, सदर, शहर, घुघली, निचलौल, फरेंदा, लक्ष्मीपुर और नौतनवां परियोजनाओं में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम आधारित टीएचआर वितरण की स्थिति बेहद खराब रही। इस पर संबंधित सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार न होने पर 11 दिसंबर और 15 दिसंबर को पुनः चेतावनी पत्र जारी किए गए। चेतावनी दिए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपेक्षित सुधार नहीं किया गया, जो विभागीय आदेशों की अवहेलना और कार्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।