एक साथ सफारी और कर्नाटक के गजराज की सवारी का लुफ्त
- फोटो : अमर उजाला
सोहगीबरवां (महराजगंज)। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के सीमावर्ती बाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व में सफारी और निगरानी के लिए अब कर्नाटक के गजराज की मदद ली जाएगी। इस काम के लिए दक्षिणी राज्य से चार हाथी मंगाए गए हैं। इन्हें फिलहाल कालेश्वर मंदिर परिसर में बने हाथीशाला में रखा गया है। ट्रेनिंग के बाद इन्हें परियोजना क्षेत्र की गश्त और सफारी के काम में लगाया जाएगा।
बाल्मीकि नगर टाइगर प्रोजेक्ट के सीएफएस चंद्रशेखर ने बताया कि टाइगर रिर्जव क्षेत्र की गश्त और सफारी के लिए हाथियों की कमी को देखते हुए वन विभाग ने कर्नाटक सरकार को पत्र लिखकर हाथियों की मांग की थी। इस पर कर्नाटक सरकार ने चार हाथी देने की सहमति दी थी। उन्होंने बताया कि जानवरों को भाषा का ज्ञान होता है। इसलिए वे जहां पलते-बढ़ते हैं, वहीं की भाषा समझते हैं। उन्हें दूसरी भाषा समझने में परेशानी होती है। कर्नाटक से आए सभी हाथी सिर्फ कन्नड़ समझते हैं। जिससे उन्हें यहां के महावत की भाषा समझने में परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को जंगल दिखाने के काम में हाथियों को लगाने से पहले इन्हें अच्छी तरह प्रशिक्षित किया जाना जरूरी है।