महराजगंज। आरटीई (राइट टू एजुकेशन) में शासन ने संशोधन प्रभावी कर दिया है। इसका लाभ यह होगा कि उक्त अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश आवेदन का दायरा बढ़ेगा और पहले के मुकाबले अधिक विद्यार्थियों के प्रवेश आवेदन स्वीकृत हो सकेंगे।
आगामी शिक्षा सत्र से यह बदलाव जरूर शुरू होगा, लेकिन इसका लाभ दिसंबर-2025 के आवेदन शुरू होने के साथ ही लोगों को मिलने लगेगा। आरटीई के तहत कमजोर आय वर्ग के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षण का मौका दिया जाता है। यह अवसर ऐसे परिवार के बच्चों को दिया जाता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक हो। इन पात्रता धारियों को अब तक उसी लोकेशन के प्राइवेट स्कूलों में अध्ययन आवेदन का मौका था जो उनकी तरफ से उपलब्ध पते के दायरे में हो। इस नियम के चलते तमाम आवेदन इसलिए निरस्त होते थे क्योंकि आवेदित स्कूल उनके एड्रेस से स्कूल की लोकेशन अलग मिल जाती थी।इसे परिवर्तित करते हुए अब जिले के किसी भी लोकेशन के निजी स्कूलों में आवेदन मान्य होंगे। साथ ही आवेदन से लेकर स्कूलों के अलाटमेंट की प्रक्रिया पूरी तरह आनलाइन कर दी गई है।
सत्यापन आनलाइन अनुश्रवण कमेटी के हवाले : आरटीई के नए बदलाव के शासनादेश में आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों का सत्यापन आनलाइन व दो बार करना होगा। डीएम व सीडीओ की अगुवाई में अनुश्रवण कमेटी गठित होगी, जिसके सचिव बीएसए होंगे। प्रमाणपत्रों का पहला आनलाइन सत्यापन यह कमेटी करेगी और दूसरा सत्यापन प्रमाणपत्र जारी करने वाला विभाग करेगा। पहले सत्यापन बीईओ करते थे।
2025 में 1665 प्रवेश : शैक्षिक सत्र 2025-26 में आरटीई के तहत कुल 1665 आवेदकों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया, लेकिन दो हजार के आसपास आवेदन स्कूल की लोकेशन आवेदक के पते से न मैच होने से रद्द करने पड़े। बदलाव किए जाने के कारण अब रद्द होने वाले आवेदनों की संख्या घटेगी।