लखिमा-पिपराइच मार्ग से मुराली चौराहा तक पीडब्ल्यूडी रोड के दोनों किनारों पर मिट्टी कार्य का मामला, ग्रामीणों ने लगाया आरोप
विभागीय अभिलेखों में 20 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 के बीच कराया गया कार्य
दर्ज किए गए कुल 2761 मानव दिवस, 6.95 लाख रुपये का कर दिया गया है भुगतान
परतावल। मनरेगा योजना में धांधली और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मामला क्षेत्र पंचायत के माध्यम से कराए गए एक मिट्टी कार्य से जुड़ा है। जहां कागजों में हजारों मानव दिवस दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप लगा है जबकि ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर कोई काम हुआ ही नहीं है।
जानकारी के अनुसार, लखिमा-पिपराइच मार्ग से मुराली चौराहा तक पीडब्ल्यूडी रोड के दोनों किनारों पर मिट्टी कार्य कराया जाना दर्शाया गया है। विभागीय अभिलेखों में यह कार्य 20 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 के बीच कराया जाना अंकित है। इस दौरान कुल 2761 मानव दिवस की हाजिरी लगाई गई और मजदूरी के मद में 6.95 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के किनारे कहीं भी मिट्टी कार्य के निशान तक नहीं दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। इतना ही नहीं, जिस सड़क पर कार्य दिखाया गया है, वह लोक निर्माण विभाग के अधीन है लेकिन कार्य शुरू कराने के लिए विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) तक नहीं ली गई।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यस्थल पर मनरेगा के तहत लगाए जाने वाला सीआईबी बोर्ड भी नहीं लगाया गया, जिससे पूरे मामले पर और सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीण यशवंत, मुन्ना, तूफानी, नरेश और सुग्गन सहित कई लोगों ने बताया कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने इस सड़क पर किसी प्रकार का मिट्टी कार्य होते नहीं देखा। उन्होंने बताया कि यदि काम हुआ होता तो उसका असर जमीन पर जरूर दिखाई देता। ग्रा मीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सरकारी धन के रिकवरी की मांग की है।
इस संबंध में एपीओ मनरेगा उत्कर्ष ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।