फोटो परिचय : सोहगीबरवा में रोहुआ नाला पर नाव से आवागमन करते ग्रामीण।
निचलौल। नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा को जोड़ने वाला रोहुआ नाला एक बार फिर उफान पर है। नाला पर बना छलका पूरी तरह पानी में डूब गया है और उसके करीब साढ़े तीन फीट ऊपर से पानी बह रहा है। इससे दियरा क्षेत्र के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार सुबह से ही ग्रामीणों के आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में आवागमन की सुविधा के लिए चंदा जुटाकर बनाया गया कच्चा मार्ग भी लगातार बारिश और पानी भरने से दलदल में तब्दील हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदने समेत अन्य आवश्यक कार्यों के लिए रोहुआ नाला पार करना पड़ रहा है। नाला में तेज बहाव के बीच नाव से आवागमन करना ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने पर हर बार रोहुआ नाला और छलका डूब जाता है। इससे दियरा क्षेत्र के गांवों का संपर्क प्रभावित होने के साथ ही लोगों को जरूरी सामान और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थायी आवागमन की व्यवस्था नहीं होने से समस्या बार-बार गंभीर हो जाती है।
रोहुआ नाला क्षेत्र में पांच नावें लगाई गईं
उपजिलाधिकारी अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ स्थानीय गांवों में बारिश का पानी भी लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए छलका और रोहुआ नाला क्षेत्र में पांच नावें तैनात की गई हैं। नाव संचालन की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। निगरानी के लिए गठित टीम मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रख रही है।