नेपाल से भारत में प्रवेश के दौरान रोहिंग्या मुस्लिम महिला गिरफ्तार
महराजगंज। भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर यात्रियों की जांच के दौरान बुधवार देर शाम एसएसबी के जवानों ने संदेह के आधार पर एक रोहिंग्या मुस्लिम महिला को रोक लिया। आव्रजन अधिकारियों की संयुक्त पूछताछ के दौरान महिला की असलियत सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर चालान कर दिया। महिला दस साल पूर्व अपने पति और पांच बच्चों के साथ बांग्लादेश के रास्ते जलमार्ग से मणिपुर पहुंची और ट्रेन से दिल्ली और फिर जम्मू कश्मीर में अपना निवास स्थान बना लिया।
बुधवार देर शाम सीमा पर एसएसबी जवान नेपाल से आने वाले वाहनों की रूटीन जांच कर रहे थे। इस दौरान पोखरा से दिल्ली जा रही नेपाली मैत्री बस में महिला की आईडी की जांच के दौरान जवानों को संदेह हुआ। उसे रोककर इसकी जानकारी आव्रजन अधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंचे आव्रजन और एसएसबी जवानों की पूछताछ में उसने अपना नाम रचिता बेगम निवासी कल्याणी तालाब, जम्मू कश्मीर बताया। उसने बताया कि दो माह पहले सीतामढ़ी बिहार के रास्ते नेपाल में वह अपने खोए हुए पुत्र को खोजने आयी थी। संदेह होने पर कड़ाई से पूछताछ में उसने बताया कि वह रोहिंग्या मुस्लिम है। मूलत: बर्मा की रहने वाली है।
करीब दस साल पूर्व जलमार्ग से बांग्लादेश पहुंची फिर सड़क मार्ग से मणिपुर के रास्ते भारत में प्रवेश किया। भारत में प्रवेश के दौरान उसके साथ उसका पति और पांच बच्चे भी थे। उसने बताया कि हमें भारत पहुंचाने के लिए एक आदमी को प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये दिए, फिर मणिपुर से गुवाहाटी, आसाम पहुंचे। उसके बाद ट्रेन से दिल्ली और वहां से जम्मू कश्मीर गई। कुछ दिनों के बाद भारत में अवैध रूप से प्रवेश के दौरान पति के भाई बहन सहित दस लोग आसाम में पकड़े गए, जो तेजपुर आसाम जेल में बंद हैं। जिन्हें छुड़ाने के लिए दो बार प्रयास की। उसने बताया कि करीब पांच साल के बाद पति उसे तलाक देकर बांग्लादेश रिफ्यूजी कैंप चला गया। फिर उसने जम्मू के मुहम्मद हुसैन से शादी कर ली। तीन साल बाद उसने भी तलाक दे दिया। बच्चों में सबसे बड़ा अब्दुल कासिम (26) दिल्ली, जाफराबाद में एक मदरसे में पढ़ाई कर रहा है। उसके बाद पुत्री दिलवारा बेगम (21) की शादी जम्मू में मोहम्मद आलम से हुई है। उससे छोटे पुत्र मोहम्मद इस्माइल (20) जम्मू में मिस्त्री है। इसमनतारा बेगम (13) और मोहम्मद नयन (10) जम्मू एक मदरसे में पढ़ते हैं। पूछताछ के बाद आव्रजन अधिकारियों ने अग्रिम कार्रवाई के लिए सोनौली पुलिस को सौंप दिया।
कोतवाल मनोज कुमार राय ने बताया कि आव्रजन अधिकारियों की तहरीर पर आरोपी का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया।