पहाड़ पर बारिश होने के कारण कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ गया
रोहिन नदी त्रिमुहानी घाट पर 79.80 मीटर और भौराबारी घाट पर 75.55 मीटर पर बह रही
महराजगंज। जनपद में तीन दिनों तक लगातार और नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। नदियों में जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रभावित क्षेत्र के लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। हालांकि सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं।
सिंचाई खंड दो के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, गंडक, रोहिनी और राप्ती का जलस्तर बढ़ा है लेकिन राहत की बात यह है कि सभी नदियां अभी खतरे के निशान से अभी नीचे बह रही हैं। रोहिनी नदी में बाढ़ आने से नौतनवा, लक्ष्मीपुर, पनियरा, त्रिमोहानी क्षेत्र प्रभावित होता है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं राप्ती नदी से फरेंदा और धानी क्षेत्र प्रभावित होता है।
सिंचाई खंड दो के बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने शाम की जारी किए रिपोर्ट के अनुसार, वाल्मीकिनगर गंडक बैराज में 1,63,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया हैं। वहीं रोहिन नदी त्रिमुहानी घाट पर 79.80 मीटर और भौराबारी घाट पर 75.55 मीटर पर बह रही है। रोहिन बैराज रतनपुर में अपस्ट्रीम में 99.42 मीटर दर्ज किया गया। यहां पर 663 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
रिगौली में राप्ती नदी का जलस्तर 76.55 मीटर दर्ज किया गया। वहीं प्यास नदी का जलस्तर 100.80 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार जिले और नेपाल क्षेत्र से जुड़े सभी समस्त तटबंध सुरक्षित हैं।
बाढ़ से निपटने के लिए बनाई गई हैं बाढ़ चौकियां
बाढ़ से निपटने के लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए 39 बाढ़ सुरक्षा समितियां, 6 बाढ़ नियंत्रण कक्ष, 291 गोताखोर, 29 बाढ़ चौकियां, 19 राहत शिविर केंद्र व 70 नाव और 208 नाविक तैनात किए गए हैं। ताकि बाढ़ के समय लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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तीन दिनों से लगातार हो रही थी बारिश तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। इसके चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। बुधवार को पूरे दिन उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल नजर आए।