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Maharajganj News: नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर से दहशत, धारा में बहते दिखे शव

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नारायणी गंडक नदी का टेलफाल पर दिखता विकराल रूप।
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रविवार सुबह से देर शाम तक लगातार बढ़ता रहा पानी, टेलफाल और भेड़िहारी में बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी
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सुबह गंडक बैराज में पानी की डिस्चार्ज था 1.36 लाख, शाम को हो गया 1.80 क्यूसेक
निचलौल। गंडक बैराज से डिस्चार्ज हो रहे पानी की मात्रा बढ़ने से नारायणी नदी का जलस्तर रविवार सुबह से देर शाम तक लगातार बढ़ता रहा। इससे सीमावर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका गहरा गई है। एहतियातन टेलफाल व भेड़िहारी में बैरकेडिंग करके वहां की आवाजाही पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। इस बीच रविवार को भी नदी में इंसानों व जानवरों के शव बहकर आते दिख रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, रविवार को दोपहर बाद एक बजे तक गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से 147500 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा था। शाम सात बजे तक डिस्चार्ज हो रहे पानी का आंकड़ा बढ़कर 188600 क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे सोहगीबरवा क्षेत्र के तीन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लोग एक बार फिर से अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर सुरक्षित ठिकाने तक जाने की तैयारी करने लगे हैं।
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बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। स्थानीय प्रशासन शेल्टर होम से लेकर नाव सहित अन्य इंतजामों को पूरा करने में जुट गया है। प्रशासन जलस्तर बढ़ने की सूचना प्रसारित करते हुए सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा समेत दियारा क्षेत्र और निचलौल के टेलफाल व भेड़िहारी में राहत एवं बचाव कार्य में सक्रिय है। त्वरित प्रक्रिया दल (आरआरटी) की टीम को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। सुरक्षा को देखते हुए टेलफाल और भेड़िहारी में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

बड़ी संख्या में दिख रहे नदी में बहते शव
बुधवार से शनिवार शाम तक गंडक नदी का जलस्तर लगभग स्थिर रहने से लोगों ने राहत महसूस की थी। इस दौरान नेपाल की ओर से नदी में बहकर घरेलू सामान और अन्य मलबा आने का सिलसिला जारी था। हालांकि रविवार को सुबह से जलस्तर बढ़ने के साथ नदी में मानव, मवेशियों और जंगली जानवरों के शव भी दिखाई देने लगे। तेज बहाव के कारण शव नदी की बीच धारा में बहते हुए आगे निकल जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को गंडक नदी के टेलफाल और भेड़िहारी क्षेत्र में एसडीआरएफ की टीम ने एक पुरुष और तीन महिलाओं के शव बरामद किए थे। रविवार को भी नदी में शव दिखाई देने से लोगों में दहशत और बढ़ गई। नदी में जमा मलबे और शवों के कारण आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध भी फैल रही है।

पिकनिक स्पॉट पर आवाजाही लगाई रोक
टेलफाल और भेड़िहारी क्षेत्र स्थानीय लोगों के लिए मिनी पिकनिक स्पॉट के रूप में भी चर्चित हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने, तेज बहाव और शवों से उठ रही दुर्गंध को देखते हुए यहां जाना खतरे से खाली नहीं है। इसी के तहत आरआरटी की टीम ने दोनों स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आरआरटी टीम की अगुवाई कर रहे सौरभ शुक्ला ने बताया कि टेलफाल के पास रविवार सुबह नदी के किनारे लकड़ी की खूंटी लगाकर जलस्तर की निगरानी शुरू की गई। देर शाम तक खूंटी करीब तीन फीट पानी में डूब गई। टीम लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए वाटर बोट और सुरक्षा उपकरण भी तैयार रखे गए हैं।
हर घंटे बढ़ता रहा पानी
गंडक बैराज से रविवार को लगातार बढ़ते जलस्तर के साथ पानी छोड़े जाने की सूचना से नदी किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ती रही है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण नदी किनारे बसे गांवों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। साथ ही नदी में बहकर आ रहे शवों और मलबे से दुर्गंध फैलने के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
सुबह 11 बजे — 1,36,700 क्यूसेक
दोपहर 12 बजे — 1,44,800 क्यूसेक
दोपहर 1:15 बजे — 1,47,500 क्यूसेक
दोपहर 2:45 बजे — 1,50,200 क्यूसेक
दोपहर 3:34 बजे — 1,52,900 क्यूसेक
शाम 4 बजे — 1,52,900 क्यूसेक
शाम 4:20 बजे — 1,63,800 क्यूसेक
शाम 5:42 बजे — 1,72,200 क्यूसेक
शाम 6 बजे — 1,77,800 क्यूसेक
शाम 7 बजे — 1,80,600 क्यूसेक

प्रशासन ने नदी किनारे नहीं जाने की अपील की
एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि नदी किनारे बसे लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों को किसी भी स्थिति में नदी की ओर नहीं जाने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि कई लोग नदी में बहकर आए शवों को देखने के लिए नदी किनारे पहुंच रहे हैं, यह खतरनाक है। शवों और दूषित पानी के संपर्क में आने से गंभीर बीमारी का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और तेज बहाव के कारण नदी किनारे जाना जानलेवा हो सकता है। सुरक्षा और निगरानी में लगी टीमें अपना काम कर रही हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का नदी किनारे पहुंचना उनके राहत एवं बचाव कार्य में भी बाधा डाल रहा है। लोगों से अपील है कि वे नदी किनारे जाने से पूरी तरह परहेज करें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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वर्जन

नेपाल के अंतर्गत नारायणी नदी के कैचमेंट क्षेत्र में लगभग सभी रेन गेज स्टेशनों पर सामान्य वर्षा होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। कृत्रिम रूप से बनी बैरियर झील के डिस्चार्ज का नारायणी नदी के जलस्तर पर कोई विशेष प्रभाव नहीं है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।
- गौरव सिंह सोगरवाल, जिलाधिकारी
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