ठंड से सिकुड़ रही धमनियां, बढ़ा रहीं बीपी
बुधवार जिला अस्पताल में 476 रोगियों का उपचार
महराजगंज। सर्दी के प्रभाव से जनजीवन प्रभावित है। ठंडी हवा के साथ लगातार गिर रहे तापमान के चलते रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में सामान्य सर्दी, जुखाम, बुखार के अतिरिक्त बीपी और सांस के रोगी भी पहुंचे, इनकी संख्या 24 रही। चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा का परामर्श व जरूरी एहतियात बताकर बचाव की सलाह दी।
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 476 रोगियों का उपचार किया गया। सर्वाधिक संख्या वायरल के लक्षणोंं वाले रोगियों की रही। नए में बीपी व सांस के रोगियों की संख्या अधिक रही। उच्च रक्तचाप व सांस से संबंधित रोगियों में बुजुर्ग और बच्चे अधिक रहे। इनकी जांच रिपोर्ट व लक्षणों के आधार पर डॉ. पवन कुमार ने दवा परामर्श व बचाव परामर्श दिया। बताया कि ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और हाई बीपी की आशंका बनी रहती है। हृदय तेज गति से ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखने का प्रयास करता है। इसके कारण हार्ट अटैक की आशंका बन सकती है। ऐसे में बीपी तेजी से बढ़ने या घटने पर सतर्कता जरूरी है।
लापरवाही बरतने से सांस रोगियों की समस्या बढ़ती है। इसलिए सांस के मरीजों की नियमित दवा जरूरी है। प्रभावित रोगी ऊनी कपड़े पहनने, सिर व कान ढककर रखने, नियमित व्यायाम में कोताही न करें। खाने में नमक व चीनी की मात्रा संतुलित रखें। फल, सब्जियां और सूखा मेवा अपनी डाइट में शामिल करें। सांस के रोगियों के लिए जरूरी है कि वह मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें। शयन कक्ष में पर्याप्त नमी का इंतजाम रखें। सांस फूलने की समस्या नमी घटने के चलते शुरू होती है। सांस के रोगियों के लिए योग ध्यान फायदेमंद हो सकता है।
ऐसे करें बचाव
- हाई ब्लडप्रेशर के रोगियों के लिए ठंड खतरनाक हो सकती है। इसलिए ठंड से बचाव इंतजाम रखें।
- बहुत अधिक चीनी अथवा नमक का उपयोग न करें। तेल व मिर्च-मसाला से परहेज रखें।
- चाय पीने के शौकीन हैं तो हर्बल चाय का सेवन करें।
- बीपी व सांस के रोगियों के लिए योग व व्यायाम बहुत जरूरी है।
- बिना जांच कराए और परामर्श लिए किसी तरह का उपचार न प्रारंभ करें।