निचलौल। नगर पंचायत निचलौल के मियां मोहल्ले में रविवार रात सड़क पर तेंदुआ दिखाई देने की सूचना सोमवार को जांच में भ्रामक निकली। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और ड्रोन कैमरे से आसपास के क्षेत्र की निगरानी कराई, लेकिन तेंदुए या किसी अन्य जंगली जानवर की मौजूदगी के कोई साक्ष्य नहीं मिले। जांच में सामने आया कि इंटरनेट मीडिया पर वायरल की गई तस्वीर एआई से तैयार की गई थी।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 12:30 बजे मियां मोहल्ले में सड़क पर तेंदुआ दिखाई देने की सूचना फैली थी। सोमवार सुबह किसी व्यक्ति ने तेंदुए की एआई से तैयार तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दी। तस्वीर में तेंदुआ सड़क पर टहलता हुआ दिखाई दे रहा था। वायरल पोस्ट में वन विभाग और नगर पंचायत प्रशासन के मौके पर नहीं पहुंचने का भी दावा किया गया था।
तेंदुए के मोहल्ले में छिपे होने की आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम ने पोखरी के आसपास ड्रोन कैमरे से बारीकी से निगरानी कराई। कई घंटे तक खोजबीन के बावजूद क्षेत्र में किसी जंगली जानवर की चहलकदमी नहीं मिली। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मोहल्लेवासियों को एकत्र कर उन्हें जागरूक किया और बिना पुष्टि के किसी सूचना को प्रसारित नहीं करने की अपील की।
वन क्षेत्राधिकारी निचलौल सुनील कुमार राव ने बताया कि आबादी में तेंदुआ या किसी अन्य जंगली जानवर के आने की सूचना कई बार अफवाह भी हो सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि बिना सत्यापन के ऐसी भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि भ्रामक सूचना के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।