निचलौल। थाना क्षेत्र के भारत नेपाल सरहद से सटे बहुआर कला गांव में संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर ग्रामीणों ने हंगामा किया था। इस मामले में विभाग की ओर से जांच टीम गठित की गई। जांच में कोटेदार दोषी पाया गया है। कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए टीम ने सोमवार को उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी।
जांच टीम में शामिल निचलौल आपूर्ति निरीक्षक इंद्रभान ने कहा की अमर उजाला अखबार में प्रकाशित खबर के आधार पर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर पहुंचकर जांच करने के साथ ही राशनकार्ड धारकों का बयान दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि कोटेदार ने कार्ड धारकों का राशन कालाबाजारी कर लिया है।
मामले में कोटेदार चंपा देवी कोई सटीक जवाब नहीं दे सकीं। कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है, जबकि अगली कार्रवाई तक कोटे की दुकान को बगल के गांव बहुआर खुर्द स्थित संचालित सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से जोड़ दिया गया है जहां पर राशन कार्ड धारकों को बेहतर तरीके से राशन वितरण करने के लिए दुकानदार हीरामन को निर्देश दिया गया है।