महराजगंज। जिले के 183 परिषदीय स्कूलों की जांच होने जा रही है। इन स्कूलों को कायाकल्प के नाम पर 5.67 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं। इसमें पेयजल, शौचालय और चारदीवारी के लिए पैसा दिया गया था। अब जांच होगी कि जो पैसा दिया गया था उसके अनुसार काम हुआ अथवा नहीं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्वयं सहित तीन लोगों की टीम गठित की है। जिले में कुल 1705 परिषदीय स्कूल हैं। शासन ने इस वित्तीय वर्ष 183 परिषदीय स्कूलों को लगभग 6 करोड़ रुपये दिए। धन अवमुक्त होने के बाद बारिश का मौसम प्रारंभ हो गया जिसके चलते प्रधानाध्यापकों ने जैसे तैसे काम कराया। धरातल पर स्थिति ऐसी है कि कहीं चहारदीवारी में पुरानी ईंटें लगा दी गईं तो कहीं पुराने शौचालय को नया रुप दे दिया गया।
इसके अलावा नया हैंडपंप लगवाने में भी कोताही बरती गई। शिकायत मिलने के बाद विभाग जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेगा। इसके बाद जहां गड़बड़ी की शिकायत की रिपोर्ट होगी, वहां से धनराशि की रिकवरी भी हो सकती है। खंड शिक्षा अधिकारियों को भी इस बावत सूचना भेजी गई है, जिसके बाद संबंधित स्कूलों में हड़कंप मचा है।
विभाग ने कंपोजिट ग्रांट में इस सत्र जिन स्कूलों को धनराशि दी है, उनकी जांच करने के निर्देश मिले हैं। 25 जुलाई से अभियान चलाकर जांच होगी। हमारे अलावा सीएनडीएस के जेई व दो विभागीय बाबू तैनात रहेंगे।
-श्रवण गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी