महराजगंज। डाक विभाग की पहचान रही रजिस्ट्री सेवा एक सितंबर से बंद हो जाएगी। रजिस्ट्री करने का आंकड़ा जनवरी 2025 से ही प्रधान डाकघर में गिरने लगा है। सात माह में महज तीन हजार रजिस्ट्री ही जुलाई तक हुई। अगस्त में आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन एक भी रजिस्ट्री यहां से नहीं हुई।
भारतीय डाक व्यवस्था अब पारंपरिक न रहकर डिजिटल मोड में प्रभावी हो चुका है। डाक विभाग की कभी पहचान रही रजिस्ट्री सेवा डिजटलीकरण के चलते एक सितंबर से बंद हो जाएगी। प्रधान डाकघर में इसके निर्देश मिल चुके हैं।
प्रधान डाकघर के कर्मियों की मानें तो रजिस्ट्री करने वालों की संख्या में गिरावट स्पीड पोस्ट सेवा शुरू करने के बाद से ही है। क्योंकि रजिस्टर्ड डाक व स्पीडपोस्ट दोनों में मामूली अंतर है। स्पीडपोस्ट तेज डिलीवरी के लिए तो रजिस्टर्ड डाक संबंधित व्यक्ति को सौंप प्राप्तकर्ता से हस्ताक्षर कराया जाता है जो स्पीडपोस्ट में प्रभावी नहीं है।