बोर्ड से हाईस्कूल की मान्यता, 12 वीं तक चल रही कक्षाएं
शिकायतों के मद्देनजर डीआईओएस स्तर से जारी है जांच
महराजगंज। जनपद के कुछ निजी स्कूलों में नियम-कायदे ताख पर रखकर अमान्य कक्षाओं का संचालन करने के मामले सामने आ रहे हैं। डीआईओएस द्वारा गठित टीम की एक सप्ताह की जांच में दो दर्जन ऐसे स्कूलों के नाम सामने आए हैं जिन्हें यूपी बोर्ड ने मान्यता तो 10वीं तक दे रखी है लेकिन वह इंटर तक की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। माह के अंत तक जांच टीम की रिपोर्ट को डीआईओएस कार्रवाई के लिए डीएम कार्यालय भेज देंगे।
यू-डायस के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में कुल 3495 स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इसमें 1500 से अधिक बेसिक शिक्षा विभाग के अपने और 278 माध्यमिक के मान्यता वाले स्कूल हैं। 29 राजकीय माध्यमिक स्कूल को छोड़ दें तो माध्यमिक के मान्यता धारक स्कूलों से भी नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिली हैं। लगातार मिल रही इस तरह की शिकायतों के मद्देनजर डीआईओएस ने राजकीय प्रधानाचार्यों की टीम ब्लॉकवार जांच के लिए लगा रखी है। टीम ने एक मईसे शुरू किए जांच में ही दो दर्जन स्कूलों को चिह्नित कर लिया है।
अप्रैल की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईओएस ने डीएम कार्यालय को अमान्य कक्षा संचालित पाए गए स्कूलों की आख्या भेजी थी। मई की जांच में ऐसे स्कूल संचालित मिल रहे हैं जिनकी बोर्ड मान्यता कक्षा 10 तक है लेकिन वह इंटर तक न सिर्फ कक्षाएं चला रहे बल्कि प्रवेश भी ले रहे हैं। निचलौल में संचालित एक ऐसे ही स्कूल का मामला सामने आया है जिसे बोर्ड ने मान्यता तो कक्षा छह से 10 तक दे रखी है लेकिन वह इंटर तक संचालित हो रहा है। साथ ही स्कूल परिसर में कक्षा एक से पांचवीं तक सीबीएसई बोर्ड की मान्यता बताकर प्रवेश ले रहा है। हालांकि जांच जारी होने की वजह से स्कूलों के नाम विभाग सार्वजनिक नहीं कर रहा है।
वर्जन
जनपद में अमान्य कक्षा संचालित करने वाले स्कूलों की जांच के लिए राजकीय प्रधानाचार्य की टीम जनपद में सक्रिय है। अप्रैल की रिपोर्ट पर कुल 14 स्कूलों में अमान्य कक्षा संचालन की आख्या डीएम कार्यालय भेजी गई। इस माह के अंत तक आख्या डीएम कार्यालय भेज दी जाएगी।
-प्रदीप कुमार शर्मा डीआईओएस, महराजगंज