सिसवा बाजार। क्षेत्र के ग्रामसभा बड़हरा महंथ में स्थापित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से गगनभेदी जयकारे के साथ श्रद्धालुओं ने रथयात्रा निकाली। प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था के साथ चाक चौबंद रही। भगवान जगन्नाथ को रथ पर आसीन करने के पूर्व मठाधीश महंत संकर्षण दास रामानुज ने मंदिर के गर्भगृह में सर्वऔषधीय और गुलाबजल मिश्रित 108 घड़े के जल से भगवान को स्नान कराया। इसके बाद पूजा, आरती, छप्पन भोग, मंगल आरती के बाद पट को भक्तों के दर्शनार्थ खोला गया।
रथयात्रा में शामिल विभिन्न देवी देवताओं की झांकियां शोभा बढ़ा रही थीं। मान्यता है कि भगवान दो सप्ताह के विश्राम के बाद आज आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से अपने भक्तजनों को दर्शन देते हैं। नंदीघोष लकड़ी के रथ पर गगनभेदी नारे के बीच भगवान जगन्नाथ को विराजमान करने के साथ रथ यात्रा प्रारंभ की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के रथ को आस्था के साथ अपने कंधों पर खींचना शुरू किया, जिसमें समूचा माहौल भक्तिमय हो गया।
अबीर-गुलाल उडाने के साथ रथयात्रा में शामिल महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं। श्रद्धालु निशान पताका लेकर रथ के आगे नाचते-गाते चल रहे थे। क्षेत्र भ्रमण के बाद भगवान जगन्नाथ को पुनः मंदिर में लाकर विराजमान कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रभारी निरीक्षक कोठीभार अखिलेश सिंह निचलौल, सिंदुरिया थानों की पुलिस, फायर बिग्रेड, पीएसी तैनात रही। इस दौरान बृजेश पांडेय, दुर्गेश, पारस तिवारी, रमाशंकर, इंद्रजीत, नरेंद्र, प्रदीप, मोहन, राम कुमार आदि मौजूद रहे।