रामजी से पूछे जनकपुर की नारी, बता द बबुआ, लोगवा देला काहें गारी, बता द बबुआ... की प्रस्तुति से लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने महोत्सव की दूसरी रात को खास बना दिया। मैथिली ने एक से बढ़कर एक मधुर गीत सुनकार पंडाल में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मैथिली ठाकुर ने भोजपुरी गीत ओ पहुंना, मिथिले में रहु ना, जौने सुख बा ससुुरारी में, तौन सुख बा कहुं नां सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। हम कथा सुनाते राम सकल गुण धाम की, ये रामायण है पुण्य कथा श्रीराम की... प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। ले चला अपनी नगरिया, अवध बिहारी सांवरिया और नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो, चरण हो राघव के जहां मेरा ठिकाना... गाकर लोगों को सुर सरिता में खूब गोते लगवाए।
पनिया के जहाज से पलटनिया बनी अईहा, पिया लेले अईला हो, पिया सिंदूर बंगाल से आदि गीतों की प्रस्तुति देकर मैथिली ने महफिल को अपने नाम कर लिया। उनके गीतों को लोग मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे। कई दर्शक तो उनके सुर में सुर भी मिलाते रहे।
निरहुआ नाम है... पर झूमें दर्शक
महोत्सव के दूसरे दिन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पधारे भोजपुरी स्टार व भाजपा सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ ने आईल दुआरे बानी हे दुर्गे माई... रउआ से आपन का परिचय बताई, निरहुआ नाम है और निरहुआ रिक्शावाला की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने लोक गायिका मैथिली ठाकुर, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, विधायक जयमंगल कन्नौजिया, ज्ञानेंद्र सिंह, ऋषि त्रिपाठी व जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मिथिला के साथ भोजपुरी को नया जीवन दे रहीं मैथिली
भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव ने कहा कि युवा गायिका मैथिली ठाकुर मिथिला के साथ ही भोजपुरी को नया जीवन दे रही हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम से उन्होंने अपना मुकाम बनाया है। भविष्य में वे सफलता के पायदान पर शीर्ष पर होंगी, इसमें उन्हें कोई संदेह नहीं है।