रजियाघाट में डंप किया गया स्क्रैप
खनुआ। सोनौली कोतवाली क्षेत्र के शेख फरेंदा गांव का रजियाघाट स्क्रैप तस्करी का हब बन गया है। बरामदगी के आकड़े स्क्रैप तस्करी की हकीकत बयां करने के लिए काफी हैं।
जानकारी के मुताबिक, सोनौली कोतवाली क्षेत्र के शेख फरेंदा गांव का रजियाघाट नेपाल से आ रहे स्क्रैप का केंद्र बना हुआ है। सूत्रों की माने तो नेपाल के भैरहवा आदि नेपाल के चुनिंदा स्थानों से रात में लेकर रजियाघाट और शेख फरेंदा के टोला करमहिया बगीचे में लाकर रख दिया जाता है। सुबह और शाम को समय देखते हुए वाहन पर लादकर गंतव्य तक पहुंचा देते हैं।
ठेले पर स्क्रैप नेपाल से लेकर सरहद पार हो जाते हैं। तस्कर अक्सर रात में स्क्रैप लेकर आते हैं। भारत-नेपाल सीमा से सटे न तो स्क्रैप की दुकान का लाइसेंस है और न ही कोई दुकान। शेख फरेंदा गांव के रजियाघाट और करमहिया गांव के बगीचे में स्क्रैप रखा जाता है। पुलिस क्षेत्राधिकारी नौतनवा जय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि स्क्रैप तस्करी की जानकारी नहीं है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
स्क्रैप बरामदगी एक नजर में
-18 नवंबर को एसएसबी डंडा हेड के जवानों ने भारत-नेपाल सीमा के पिलर संख्या 518 के पास से पिकअप पर लदा 800 किलो नेपाल से आ रहा स्क्रैप बरामद किया था।
-7 दिसंबर को सशस्त्र सीमा बल 66वीं वाहिनी के बीओपी डंडा हेड के जवानों ने भारत नेपाल सीमा के पिलर संख्या 520 के पास से पिकअप से स्क्रैप बरामद कर चालक व सामान को कस्टम को सौंप दिया था।
-30 दिसंबर को सशस्त्र सीमा बल 66 वीं वाहिनी के बीओपी डंडा हेड के जवानों ने पिलर संख्या 520 के पास से 1500 किलो स्क्रैप बरामद हुआ था।
-31 जनवरी को सशस्त्र सीमा बल 66 वीं वाहिनी के बीओपी डंडा हेड के जवानों ने भारत नेपाल सीमा के पिलर संख्या 520 के पास से पिकअप पर लदा सात क्विंटल स्टील का स्क्रैप बरामद हुआ था।