महराजगंज। आनंदनगर-महराजगंज-घुघली प्रस्तावित रेल लाइन बनाने की राह आसान हो गई है। अब 29 गांव की जमीन रेलवे को मिल चुकी है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया तेजी से शुरू होगी।
वहीं दूसरी ओर मुआवजे को लेकर भी लोगों में आक्रोश है। बीते दिनों लोगों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा वितरित कराने की मांग की। लोगों ने कहा कि कामर्शियल जमीन का कृषि भूमि के हिसाब से मुआवजा दिया जाना उचित नहीं है।
जानकारी के अनुसार जिले में घुघली से महराजगंज होते हुए आनंदनगर तक 52.70 किमी लंबी नई रेल लाइन बिछाई जानी है। भूमि अध्याप्ति विभाग और रेलवे विभाग की ओर से इस परियोजना के तहत पहले चरण में 29 गांवों में प्रभावित किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई। इसके तहत कुल 698 गाटा की भूमि अधिग्रहित की गई। इसमें 3897 किसानों की 98.9394 हेक्टेयर भूमि शामिल है। रेलवे की ओर से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए कुल 4,34,05,25,699 रुपये की एवार्डेड राशि घोषित की गई थी। इसमें 3,11,22,64,533 रुपये की राशि किसानों को मुआवजा वितरित की जा चुकी है।
भूमि अध्याप्ति विभाग के राजस्व निरीक्षक राकेश चंद्रा ने बताया कि सदर तहसील के पिपरा मुंडेरी, घघरुआ खड़ेसर, जोगिया, रामपुर बल्डिहा, मटकोपा, बरवा, चमैनिया, घुघली खुर्द, धरमपुर, विशुनपुर गबडुआ, पिपराइच उर्फ पचरुखिया, लक्ष्मीपुर, हरपुर, शिकारपुर, भिसवा, दरौली, बरवा विद्यापति, पड़री खुर्द, सिसवा बाबू, मनियार छपरा, रामपुर मजुहना, अगया, तरकुलवा, गौनरिया बाबू, कोदइला, बांस पार, बैजौली, सवना और पिपरदेउरा गांवों में अधिग्रहण की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है। इन गांवों के किसानों से सहमति पत्र लेकर रेलवे को अधिकार प्रमाण पत्र सौंप दिया गया है।
वहीं रेलवे विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के प्रथम चरण में सबसे पहले अधिग्रहित भूमि का सीमांकन किया जाएगा। ताकि रेलवे की सीमा स्पष्ट हो सके। इसके बाद मिट्टी भराई, समतलीकरण और आवश्यक निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। इसके तहत रेलवे लाइन के मार्ग में पड़ने वाले पुलों और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। ताकि यातायात और जल निकासी सुचारू रूप से संचालित हो सके।