कर्मचारियों को उनका हक दिलाएं : मंजू दिलेर
ईपीएफ को लेकर गंभीर हुईं राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य, मांगा पांच वर्ष का विवरण
महराजगंज। निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों को कर्मचारी भविष्य निधि का लाभ न देने पर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजू दिलेर ने नाराजगी जताई तथा निकायों के जिम्मेदारों से पांच वर्ष का विवरण तलब किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दशा में कर्मचारियों को उनके वाजिब हक को दिलाया जाए। इसमें शिथिलता बरतना कानूनन अपराध है।
वे बुधवार को सदर तहसील सभागार में निकायों व पंचायतों से जुड़े कर्मचारी संघ व अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग में वर्ष 2011 से ईपीएफ कटौती को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने पूछा कि निकायों में कितने कर्मियों को उसका लाभ मिल रहा है, जिसका जवाब न तो निकायों के जिम्मेदार दे सके और न ही अपर जिलाधिकारी। उन्होंने कहा कि ईपीएफ कर्मियों का अधिकार है, उसे दिलाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। ऐसा न करने वाले कार्रवाई के भागीदार बनेंगे। अधिकांश निकायों में डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि नहीं मिलने की बात सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए दो माह में समस्या को दूर कराने का निर्देश दिया।
आयोग की सदस्य ने कहा कि निकाय व पंचायत के जिम्मेदार स्वच्छ भारत मिशन की सार्थकता को सिद्ध करने का कार्य करें। स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। कूड़े के निस्तारण, शौचालय निर्माण व उसके इस्तेमाल के लिए आमजन को भी जानकारी दी जाए। इस दौरान एडीएम कुंज बिहारी अग्रवाल, सीओ देवेंद्र कुमार, डीपीआरओ कृष्ण बहादुर वर्मा, ईओ डॉ. लव कुमार मिश्रा, वीरेंद्र कुमार, राजनाथ यादव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार समेत अन्य अधिकारी व सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कानून का लें सहारा
नगर पालिका के डंपिंग ग्राउंड के बारे में जब उन्होंने पूछा तो एडीएम ने बताया कि भूमि चिह्नित है लेकिन कुछ ग्रामीण उसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून का सहारा लेकर इसे शुरू कराया जाए।
कर्मियों की समस्या को सुन मांगा विवरण
बैठक में नगर पालिका महराजगंज में कार्य करने वाले अंगद नामक कर्मी को हटाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जिम्मेदारों से शासनादेश की प्रति, हटाने से पूर्व उसे दिए गए नोटिस व अखबार में प्रकाशित सूचना की प्रति भी मांगी। नगर पालिका में काम करने वाले एक कर्मी के निधन पर उसकी पत्नी द्वारा काम मांगे जाने पर उन्होंने जिम्मेदारों से कहा कि मानकों को देखते हुए इसकी व्यवस्था की जाए।