महराजगंज। शासन ने लगभग पांच माह पहले समस्त बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए अपार यूनिक आईडी अनिवार्य कर दिया है। बावजूद इसके जनपद में स्कूल लापरवाह बने हुए हैं।
लापरवाही अगर 25 जनवरी तक जारी रही तो संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल का वेतन अवरुद्ध कर दिया जाएगा। इसके लिए डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा ने चेतावनी पत्र जारी कर दिया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि जिले में अभी 70 प्रतिशत विद्यार्थियों के अपार कार्ड की प्रक्रिया नहीं पूरी की गई है। जिले में 278 माध्यमिक स्कूलों का संचालन है, जिसमें विद्यार्थियों की संख्या लगभग एक लाख से अधिक है। 1705 परिषदीय स्कूलों का संचालन है, जिसमें 2.48 लाख विद्यार्थी नामांकित हैं। सीबीएसई बोर्ड के 21 स्कूलों में 20 हजार, विद्यार्थी नामांकित हैं। इसके अलावा 20 संस्कृत स्कूल, 291 मदरसे और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल संचालित हैं।
सभी विद्यार्थियों के लिए शासन ने अगस्त 2024 में ही अपार आईडी अनिवार्य कर निर्माण प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश जारी किया, लेकिन 20 जनवरी 2025 तक जिले से मात्र 30 फीसदी विद्यार्थियों की आईडी प्रक्रिया पूरी हुई है और 70 फीसदी शेष है।
अपार निर्माण में तेजी लाने के लिए यूपी बोर्ड में भी इसकी अनिवार्यता की गई, लेकिन पैन कार्ड का विकल्प मिल जाने से अपार आईडी जनरेट कराने की जरूरत नहीं समझी जा रही। शासन से मिले निर्देश पर डीआईओएस ने निर्देश जारी कर दिया है कि 25 जनवरी तक अगर अपार निर्माण की प्रक्रिया संबंधित स्कूल नहीं पूरी करते तो प्रधानाचार्य का वेतन रोकने का आदेश जारी किया जाएगा।