महराजगंज। बर्फीली हवा के सितम से तराई में गलन का दायरा बढ़ता जा रहा है। सुबह से लेकर शाम बीत जा रही, लेकिन समय का अनुमान खराब मौसम के कारण नहीं लग रहा।
मौसम की बदमिजाजी का असर अबतक तिलहन और दलहन के साथ सब्जियों पर ही था, लेकिन अब कृषि विभाग जनवरी के दूसरे पखवाड़े का मौसम देखकर गेहूं उत्पादन पर भी चिंता व्यक्त कर रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान घटकर 22 डिग्री तो न्यूनतम 8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
रविवार से जारी खराब मौसम का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। कोहरे की अधिकता दिन डूबते ही शुरू हो जा रही है। इसका प्रकोप दिन में 10 से 11 बजे तक बना रहता है। मंगलवार को सिर्फ दिन में 11 बजे से शाम तीन बजे तक ही दृश्यता सामान्य रही।
इससे पहले और बाद में दृश्यता इस कदर रही की वाहन चालक सड़क पर फाग लाइट की मदद के बाद भी परेशान रहे। बर्फीली हवा के कारण पूरे दिन गलन भरा मौसम बना रहा।
लोग अलाव और हीटर की मदद से ठंड से राहत पाने की जुगत में लगे रहे। मौसम में सर्दी की अधिकता और घने कोहरे के कारण आलू जहां झुलसा की चपेट में पहुंच रहा है। वहीं गोभी उगाने वाले किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। उत्पादन अधिक होने के कारण रेट वैसे ही कम होता जा रहा है वह मौसम के प्रभाव से सड़ने व काले चकत्ते पड़ रहे हैं, जिससे व्यापारी खरीदने से ही मना कर दे रहे हैं।
बैंगन और टमाटर की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मटर और चना जहां दलहन में तो सरसो तिलहन में प्रभावित हो रहा है।